कांग्रेस विधायक मलिंगा ने अपनी रिहाई पर किया प्रदर्शन, 6 विधायक हुए शामिल

राजस्थान के धौलपुर जिले के बाड़ी में बिजली अधिकारियों के साथ मारपीट मामले में कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को जमानत मिल गई है। रिहा होने पर शक्ति प्रदर्शन किया। जिसमें 6 विधायक शामिल हुए।

राजस्थान के धौलपुर जिले के बाड़ी में बिजली अधिकारियों के साथ मारपीट मामले में कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को जमानत मिल गई है। रिहा होने के बाद विधायक ने धौलपुर में शक्ति प्रदर्शन कर ब्यूरोक्रेसी को निशाने पर लिया। इशारों ही इशारों में डीजीपी एमएल लाठर पर निशाना साधा। धौलपुर शहर में विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा का समर्थक एवं नेताओं की ओर से गर्मजोशी से स्वागत किया गया।  विधायक मलिंगा के साथ राज्य मंत्री राजेंद्र गुड़ा, विधायक वाजिद अली, संदीप यादव, लाखन मीणा, खिलाड़ी लाल बैरवा और संदीप यादव भी मौजूद रहे। हजारों की भीड़ का काफिला मलिंगा को साथ लेकर बाड़ी पहुंचा। बाड़ी शहर में भी जगह-जगह विधायक समर्थकों की ओर से फूल मालाएं लादकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

धौलपुर में JEN-AEN से मारपीट का आरोप

स्वागत कार्यक्रम के बाद जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक मलिंगा ने डीजीपी एमएल लाठर का नाम लिए बिना उन पर जमकर  निशाना साधा। मलिंगा ने कहा कि उनके ऊपर कितने भी मुकदमे दर्ज करा लो लेकिन जनता के हक की आवाज उठाते रहेंगे। उल्लेखनीय है कि बाड़ी से कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा पर धौलपुर में JEN-AEN से मारपीट करने का आरोप था। सीएम अशोक गहलोत के कहने पर विधायक ने जयपुर पहुंचकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। इसके बाद सीबीआईडी सीबी टीम मलिंगा को लेकर धौलपुर पहुंची थी और एससी-एसटी कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया गया था, लेकिन कोरोना पाॅजिटिव होने की वजह से विधायक मलिंगा को अस्पताल में भर्ती करा दिया था। विधायक मलिंगा को कोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायिक अभिरक्षा से रिहा होने के बाद विधायक ने बड़ी जनसभा का आयोजन कर इरादे साफ कर दिए।

गहलोत गुट के माने जाते हैं मलिंगा 

राजस्थान की सियासत में विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा गहलोत गुट के माने जाते हैं। बसपा से पहले विधायक रहे चुके हैं, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी पहले बसपा से  विधायक रह चुके हैं। दोनों नेताओं की दोस्ती जगजाहिर है। साल 2020 में जब पायलट गुट ने बगावत थी उस समय विधायक मलिंगा ने सीएम गहलोत का साथ दिया था। मलिंगा ने पायलट गुट से दूरी बना ली थी। सीएम अशोक गहलोत के कहने पर ही मलिंगा ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था।

जनता की तरफ आंख उठाई तो आंखें निकाल लेंगे

विधायक ने कहा कि जनता की तरफ आंख उठाई तो आंखें निकाल लेंगे। वहीं इस मौके पर मौजूद राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने भी नौकरशाही पर जोरदार हमले किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को जनता का सेवक बताते हुए सेवक की तरह काम करने की सलाह दी है। जनसभा में विधायक मलिंगा ने कहा कि मैं जनता के लिए लड़ाई लड़ता हूं, मेरी कोई फैक्ट्री एवं कारखाने नहीं चल रहे हैं। उन्होंने कहा बिजली विभाग के अधिकारी जनता को लूट रहे थे। वह परेशानी मेरी परेशानी रही थी। उन्होंने कहा रोड से लेकर विधानसभा तक जनता की समस्या के समाधान का प्रयास करता रहूंगा।