शिवराज सिंह चौहान बोले-गुना की घटना से मैं बहुत बेचैन हूं, जिसमें दम हो वो रहे फील्ड में

मध्य प्रदेश के गुना में पुलिसकर्मियों के बलिदान की घटना के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक्शन मूड में हैं। उन्होंने रविवार सुबह सात बजे ही अपने आवास पर प्रदेश के आला अधिकारियों की बैठक बुलाई। जिसमें कलेक्टर-आयुक्त, पुलिस अधीक्षक-पुलिस महानिरीक्षक जुड़े। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जिसमें दम हो वही फील्ड में रहे। उन्होंने कहा कि अपराधियों को नहीं छोड़ने का संकल्प है मेरा। कलेक्टर और आयुक्त को इसमें पुलिस का साथ देना है। शिकार कोई एक दिन नहीं होता, शिकारी-गोकशी करने वालों, जुआ-सट्टा चलाने वालों, ड्रग्स का धंधा करने वालों और अवैध शराब बेचने वालों को बर्बाद कर दें। डीजीपी से कहा कि एक बार फील्ड के अधिकारियों से बात कर लें, जो फील्ड में कुछ करके दिखा सके, वही रहेगा।

भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टालरेंस चाहिए

शिवराज ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टालरेंस चाहिए। एक्शन में देर नहीं होनी चाहिए। ऐसी परिस्थिति पैदा करें कि अपराध हो ही नहीं। बैठक में मुख्यमंत्री के तेवर तीखे नजर आए। वह बोले कि सुबह सात बजे बैठक बुलाने का मकसद यह है कि आप 10 बजे से काम में लग जाएं। यह बैठक जनता की जिंदगी में नई सुबह की तरह हो। उन्होंने कहा कानून व्यवस्था मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुना की घटना से मैं बहुत बेचैन हूं। पुलिस का काम जनता के लिए शांति स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण की जल्द ही फिर से समीक्षा की जाएगी, वहीं अधिकारियों को स्वस्थ रहने के लिए योग, ध्यान, वाक करने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि आपका अधिकारी और मेरा मुख्यमंत्री होना तभी सार्थक है, जब जनता के कल्याण के काम हों।

कोई गड़बड़ हुई तो सीधे जिम्मेदार होंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीईओ जिला पंचायत अमृत सरोवर, आजीविका मिशन, मनरेगा, ग्रामीण आवास सहित जल संरचनाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का विशेष रूप से ध्यान रखें, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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