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30 वर्ष बाद मिला न्याय

 पुश्तैनी खातेदारी भूमि में नाम देख आंखों से आंसू छलके । 
सुमेरपुर । उपखण्ड क्षेत्र के ग्राम बंसत में खातेदार गुलाब पुत्र -मूला जाति पुरोहित की मृत्यु होने पर तत्कालीन पटवारी हल्का द्वारा नामान्तकरण संख्या 49 वारिसान सूरजमल मगलसिंह रमेश पि. गुलाब के नाम से दर्ज कर  दिनांक 18.03.1990 को ग्राम पंचायत बसन्त से स्वीकार कराया गया। जिसका जमाबंदी संवत् 2044 से 2047 में मगलसिंह रमेश पि गुलाब रुपा पि मूला हिस्सा 1/5 के नाम से अमल दरामद करते हुए त्रुटि से सूरजमल का नाम छुट गया था। जिसे सुधार के लिए सुरजमल ने कई बार दफ्तरों के चक्कर काटे गए।परंतु सुधार नहीं हुआ। आखिरकार सुधार को लेकर परिवादी सुरजमल ने अधिवक्ता दयाल शंकर सुथार सुमेरपुर के द्वारा न्यायालय नायब तहसीलदार सुमेरपुर जिला पाली के समक्ष परिवाद पेश किया। जिस पर ओमप्रकाश सरगरा नायब तहसीलदार सुमेरपुर ने पटवारी हल्का बसन्त व भू अभिलेख निरीक्षक कोसेलाव की जांच रिपोर्ट एवं रेकॉर्ड का अवलोकन के बाद त्रुटि को सुधारने के लिए नामान्तकरण के मूल आदेश में किसी तरह के परिवर्तन की आवश्यकता नहीं होने से राजस्थान लैण्ड रेकॉर्ड्स रूल्स 1957 के नियम 166 के अन्तर्गत सूरजमल पि गुलाब सिंह के नाम को खाते में सम्मिलित करने के आदेश पारित किए गए। आदेश की पालना में पटवारी कन्हैयालाल ने खातेदार  सूरजमल का नाम रेकॉर्ड में अमल दरामद किया।  सूरजमल ने  30 वर्ष बाद  पुश्तैनी खातेदारी भूमि की अपने नाम से जमाबंदी  नकल पाकर खुशी का ठिकाना नहीं रहा है और आंखों से आंसू छलक आये  तथा इस मौके पर अपने पूर्वजों को याद करते हुये उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये।

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Maheka Sansar

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