क्राईम जयपुर ताज़ा खबर नागौर राजस्थान

नागौर में गिरफ्तार 3 बुकी न्यायिक अभिरक्षा में भेजे, एसओजी के राडार पर 15 से ज्यादा और क्रिकेट बुकी

महका संसार

एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ खुद कर रहे हैं मॉनिटरिंग

मोहित रांकावत की रिपोर्ट
नागौर। आईपीएल क्रिकेट के नाम पर करोड़ों के जुए सट्टे के खेल में प्रदेश में कार्रवाई कर रही एसओजी के राडार पर नागौर जिले के कई नामी गिरामी बुकी हैं। इसमें अकेले नागौर शहर के करीब 15 से ज्यादा और बुकी भी हैं जिन पर एसओजी सीधे जयपुर से निगरानी रख रही है। इस बीच एसओजी द्वारा पकड़े गए तीन बुकियों को सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश हुए।
एसओजी के अति पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शर्मा और उनकी टीम तीनो को जिला कारागृह लेकर पहुंची । एसओजी के अति पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि क्रिकेट बुकी अशोक और पंकज सेठिया एव गणेशमल की जमानत खारिज होने के आदेश मिलते ही न्यायिक अभिरक्षा मे भेज दिया है ।

नागौर में कई जगहों में दे रखी थी लाइन
तीनो आरोपियों ने SOG की पूछताछ में बताया है कि नागौर सहित कई जिलो मे लाईन दे रखी थी । जिससे क्रिकेट मैच के चौके, छक्के और हार-जीत पर सट्टेबाजी करते हैं। एसओजी ने तीनो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। जहां से क्रिकेट बुकी अशोक और पंकज सेठिया एव गणेशमल को न्यायिक अभिरक्षा मे जेल भेज दिया गया है।
अभी तो शुरूआत है, नजर कई सटोरियों पर
नागौर मे आईपीएल के क्रिकेट मैचों पर होने वाली सट्टेबाजी पकड़ी गई है। सट्टेबाजी पकड़ने के लिए कई और टीमें लगाई हैं। नागौर के कुम्हारी दरवाजा इलाके से मौके से तीन गाडियो को जब्त किया था। मौके से क्रिकेट पर सट्टा लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए क्रिकेट पर सट्टा लगाने के उपकरण को जब्त किया था । कूछ दिनो बाद एटीएस ने तीन जनो को गिरप्तार किया था। आपको बता दे कि आईपीएल क्रिकेट सट्टे पर बीकानेर का कनेक्शन उजागर हुआ था एसओजी- एटीएस ने हैदराबाद के साईबराबाद, दिल्ली, जयपुर और नागोर में एक साथ कार्रवाई की थी। हैदराबाद और जयपुर से 14 लोगों को पूरे साजो-सामान के साथ क्रिकेट सट्टा करते गिरफ्तार किया था। इनमें से 9 सटोरिए बीकानेर के हैं। एटीएस के हाथ लगे बीकानेर के बुकियों का बड़ा नेटवर्क है। उनके विदेशों में भी संपर्क की आशंका के चलते जांच अब एसओजी कर रही है । इधर नागौर शहर में भी कई अन्य बुकियों के नाम भी सामने आने पर उन पर निगरानी रखी जा रही है। इनमें कई बुकी ऐसे भी हैं जो दिखावे के तौर पर दूसरे धंधे कर रहे हैं मगर उनका असली काम क्रिकेट की बुक चलाना है। देखना यह है कि अब यह बुकी कब तक एसओजी के हत्थे चढ़ते हैं।

About the author

Maheka Sansar

Maheka Sansar

Breaking News

prev next

Advertisements

E- Paper

Advertisements

Posts

Our Visitor

1385270

Advertisements