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दक्षिण से दूर भाजपा, केरल में फिर लेफ्ट फ्रंट

तमिलनाडु की 234 सीटों पर सत्ताधारी AIADMK और DMK के बीच ही मुकाबला है. डीएमके यहां कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है जबकि AIADMK और बीजेपी का गठजोड़ है.
  • केरल में फिर लेफ्ट फ्रंट की वापसी, बीजेपी कमजोर
  • तमिलनाडु में AIADMK से मिलकर भी बीजेपी पीछे

पांच राज्यों के चुनावी नतीजों में अब ये तस्वीर लगभग साफ हो गई है कि कहां किसकी सरकार बनने जा रही है. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर वापसी कर रही है तो असम में बीजेपी अपनी सत्ता बचा रही है. तमिलनाडु में इस बार परिवर्तन हो रहा है, यहां बीजेपी गठबंधन पिछड़ गया है. वहीं केरल में लेफ्ट गठबंधन भी आसानी से सरकार में वापसी कर रहा है. केंद्रशासित प्रदेश पुड्डुचेरी में भी एनडीए पीछे चल रहा है. ये नतीजे बता रहे हैं कि बीजेपी के लिए दक्षिण अब भी दूर है.

तमिलनाडु की 234 सीटों पर सत्ताधारी AIADMK और DMK के बीच ही मुकाबला है. डीएमके यहां कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है जबकि AIADMK और बीजेपी का गठजोड़ है. AIADMK की जयललिता की विरासत को ई. पलानीस्वामी आगे बढ़ा रहे हैं और इस बार के चुनाव में उन्होंने बीजेपी से गठजोड़ कर पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे का भी इस्तेमाल किया. बीजेपी ने भी पूरी ताकत के साथ तमिलनाडु में चुनाव लड़ा. बावजूद इसके डीएमके पिछड़ रही है. शाम साढ़े 5 बजे तक DMK गठबंधन 142 और AIADMK गठबंधन 88 सीटों पर आगे चल रहा था. यानी डीएमके गठबंधन बहुमत के आंकड़े 118 से आगे निकल गया है.

केरल में भी नहीं मिला को बीजेपी को सहारा दक्षिण भारत में केरल भी ऐसा राज्य है जहां बीजेपी अपने अस्तित्व को स्थापित करने की लंबे समय से कोशिश कर रही है. यहां बीजेपी और आरएसएस कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हिंसा में मौत की खबरें भी आती रहती हैं, पार्टी लगातार अपना वोटबैंक बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है. मौजूदा चुनाव में बीजेपी ने 'विजय यात्रा' के साथ चुनाव प्रचार का आगाज किया था. लेकिन चुनाव नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं.

पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी को 12 प्रतिशत तक वोट मिला था, और वो महज एक सीट पर जीत दर्ज कर पाई थी. इस बार भी स्थिति यही नजर आ रही है. बीजेपी गठबंधन शाम साढ़े 5 बजे तक 1 सीट पर ही आगे है.ये हालात तब हैं जबकि बीजेपी ने केरल में इस बार सबरीमाला मंदिर के मुद्दे पर खुलकर जनता का समर्थन किया था. साथ ही लव जिहाद कानून की बात भी कही थी. दूसरी तरफ कांग्रेस गठबंधन को हालांकि यहां जीत मिलती नजर नहीं आ रही है लेकिन उसका प्रदर्शन बेहतर है. शाम साढ़े 5 बजे तक के आकंड़ों के हिसाब से लेफ्ट गठबंधन LDF 93 सीटों पर और कांग्रेस गठबंधन UDF 43 सीटों पर आगे चल रहा है. 

यानी तमिलनाडु हो या केरल, या फिर केंद्रशासित प्रदेश पुड्डुचेरी, तीनों ही दक्षिण भारत के राज्यों में बीजेपी को निराशा हाथ लगी है. जबकि पूर्वोत्तर के असम में उसे सत्ता मिल रही है और बंगाल में उसे फायदा तो हुआ है मगर उम्मीद से कहीं पीछे रह गई है.

बीजेपी के पास दक्षिण में सिर्फ एक कर्नाटक ऐसा राज्य है, जहां उसका सियासी आधार है. वहां, फिलहाल बीजेपी की ही सरकार है. 2019 के लोकसभा चुनाव में तेलंगाना और कर्नाटक छोड़कर बीजेपी का खाता भी नहीं खुला था.

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Maheka Sansar

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