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कोरोना की जंग से हारा समाजसेवी राकेश, दो दिन पहले तक करता रहा समाज सेवा के काम

जोधपुर। समाजसेवी, मिलनसार के रूप में अपनी पहचान रखने वाले युवा राकेश चौहान बरना का आज शनिवार सुबह निधन हो गया है। उन्होंने अपनी अंतिम सांस जोधपुर मथुरादास माथुर अस्पताल में ली। उनका दाह संस्कार उनके उनके पैतृक गांव बरना में किया गया । शिक्षा, समाज सुधार के क्षेत्र में नाम कमाने के साथ साथ राकेश स्थानीय राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ रखते थे उनका विशुद्ध कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में बिलाडा में जाना पहचाना नाम रहा ।
सरगरा उत्कर्ष शिक्षा समिति बिलाड़ा के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवा दी । कार्यकाल पूरा होने के बाद संरक्षक के पद पर रहते हुए निरन्तर सेवा करते रहे उनके निधन पर सरगरा उत्कर्ष शिक्षा समिति बिलाड़ा ने गहरा शोक व्यक्त किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका मार्गदर्शन हमें हर समय मिलता रहता था। उनके असामयिक निधन से सरगरा समाज ही नही बल्कि सम्पूर्ण जगत में उनकी कमी खलेगी जिसकी पूर्ति नहीं की जा सकती है।
वर्चुअल शोक सभा में डॉ जितेंद्र चौहान ने कहा कि पूरे जीवन समाज सेवा में लगे रहे राकेश चौहान बरना को भगवान अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनके मिलने वाले लोगो ने कहा की अंतिम पड़ाव में भी राकेश बरना लोगों की सेवा से अपने कदम को पीछे नहीं मोड़ा। ऐसे सौम्य, विनम्र, प्रतिभाशाली और मजबूत व्यक्तित्व के चले जाने से समाज उनकी कमी महसूस कर रहा है।
कोरोना लॉक डाउन के कारण वर्चुअल शोक सभा आयोजित कर समाजसेवी राकेश बरना को श्रद्धांजली अर्पित की। रमेश परिहार , डॉ आरडी सागर, रणजीत पंवार, बाबूलाल आर्य, इं.योगेश सागर, डॉ जितेंद्र चौहान, डॉ .पाबूराम सतलाना, नेमीचंद रोहिचा, पप्पू लाखड़थुंंब , देवाराम पंवार, सुखदेव गौरी एडवोकेट राज हरियाल , बाबूलाल आर्य , मुकेश चौहान , राजेंद्र मारवाड़, रूपेश परमार ,सुरेश देवड़ा , भीखाराम गहलोत, जगदीश सरगरा जीरन ने चौहान के जीवन से जुड़ी यादों को बताया।

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