इस हफ्ते शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिली, जिसमें सेंसेक्स 1600 से अधिक अंक टूट गया। निवेशक अब जियो के आईपीओ की लिस्टिंग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
सेंसेक्स और निफ्टी की चाल
सोमवार को सेंसेक्स में 876 अंकों की गिरावट हुई और यह 73,853 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 257 अंकों की गिरावट के साथ 22,889 पर आ गया। मंगलवार को बाजार दशहरा अवकाश के कारण बंद रहा। बुधवार को सेंसेक्स 143 अंक गिरकर 73,709 पर पहुंचा और निफ्टी 78 अंक गिरकर 22,811 पर बंद हुआ।
गुरुवार को सेंसेक्स ने 460 अंक की गिरावट दर्ज की और 73,249 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 124 अंक गिरकर 22,688 पर आ गया। हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन सेंसेक्स 126 अंक गिरकर 73,124 पर समाप्त हुआ और निफ्टी 88 अंक गिरकर 22,600 पर बंद हुआ।
बाजार की चाल में मुख्य कारण
इस हफ्ते बाजार का रुख मुख्य रूप से कंपनियों की दूसरी तिमाही के नतीजों पर निर्भर रहा। पीएनबी और कैनरा बैंक जैसे प्रमुख बैंकों के अच्छे परिणामों से कुछ शेयरों में खरीदारी देखी गई। वहीं, कुछ बड़ी कंपनियों के कमजोर नतीजों और मैनेजमेंट की टिप्पणियों ने निवेशकों को सतर्क किया।
सप्ताह की शुरुआत में बैंकिंग और आईटी सेक्टर के बड़े शेयरों में भारी बिकवाली हुई, जिससे निफ्टी 23,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और बॉन्ड यील्ड के रुझानों ने निवेशकों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया। चांदी भी 2026 में पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलो से नीचे पहुंच गई। इस दौरान निवेशकों ने भारी मुनाफा वसूली की।
जियो आईपीओ की लॉन्चिंग से भी निवेशकों में उत्साह दिखा। त्योहारी मांग की उम्मीद के कारण कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी का रुझान बना रहा। मजबूत फंडामेंटल वाले पब्लिक सेक्टर बैंक, मेटल और एनर्जी सेक्टर के शेयरों ने बाजार को गिरावट से बचाने में मदद की।
जियो IPO का अलॉटमेंट और लिस्टिंग
जियो IPO में निवेशकों की मांग करीब 7.40 लाख करोड़ रुपये रही, जो बाजार के लिए चौंकाने वाला था। बड़े संस्थागत निवेशकों का भरोसा, रिटेल निवेशकों का उत्साह और शेयरधारकों व कर्मचारियों की भागीदारी ने इसे एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड तक पहुंचा दिया।
देश के सबसे बड़े IPO में 30,213 करोड़ रुपये जुटाए गए और 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए। अंतिम सब्सक्रिप्शन 22 गुना से ऊपर रहा। निवेशकों की नजर अब अलॉटमेंट और लिस्टिंग पर है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 26 अक्टूबर को अलॉटमेंट होगा और 28 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग प्रस्तावित है।
अगले हफ्ते की संभावनाएं
बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने बताया कि अब तक मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियों के शेयर बेहतर चल रहे थे, जबकि लार्ज कैप में करेक्शन हो रहा था। लेकिन इस हफ्ते मिड कैप और स्मॉल कैप में 3 से 7 फीसदी तक भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि FII को इन कंपनियों के वैल्यूएशन ज्यादा लग रहे हैं, जिससे मार्जिन कॉल ट्रिगर हो रहे हैं और पैनिक सेलिंग हो रही है। MTF की बुक रिकॉर्ड स्तर पर है।
बागौरा ने आगे कहा कि अगले हफ्ते बाजार में उतार-चढ़ाव के साथ गिरावट बनी रहेगी। जियो IPO की लिस्टिंग के दिन कुछ सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है, लेकिन इसके बाद ज्यादा सुधार की संभावना कम है। क्रूड के दाम 110 डॉलर के ऊपर बने हुए हैं। निफ्टी इंडेक्स में 22,900 से 23,000 का रजिस्टेंस और 22,100 का मजबूत सपोर्ट नजर आ रहा है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह न समझें। निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


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