गुजरात के नर्मदा जिले में राजपीपला-रामगढ़ (नवागाम) मार्ग पर करजण नदी के मेजर ब्रिज के निर्माण में खराब गुणवत्ता सामने आने पर राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश पर सड़क एवं भवन विभाग ने पुल बनाने वाली सूरत की कंपनी मेसर्स रॉयल इन्फ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ राजपीपला पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
विभाग ने यह काम 2018-19 में इस कंपनी को सौंपा था। निविदा राशि 10.71 करोड़ रुपये थी। काम 15 सितंबर 2018 को शुरू हुआ और 14 अगस्त 2020 को पूरा हुआ था।
जांच के दौरान पुल की एक नींव धंसने की बात सामने आई। इसके बाद गुणवत्ता नियंत्रण प्रभाग ने पूरे पुल का परीक्षण कराया, जिसमें दूसरे हिस्सों में भी खामियां मिलीं। पुल को यातायात के लिए सुरक्षित नहीं पाए जाने पर उस पर आवाजाही बंद करनी पड़ी। राजपीपला और रामगढ़ के आसपास के इलाकों के लिए यह पुल बेहद अहम माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने ठेकेदार कंपनी और उसके प्रतिनिधियों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत आपराधिक कार्रवाई के साथ लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर गुजरात राज्य सेवा (अनुशासन व अपील) नियम, 1971 के तहत कार्रवाई शुरू करने के आदेश भी दिए हैं।
सरकार का कहना है कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्रोत: टीवी9 भारतवर्ष


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