उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में सप्तमी की रात मची भगदड़ ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। इस हादसे में 19 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जिसके बाद अब यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि इतनी बड़ी चूक के लिए जिम्मेदार कौन है। हर साल लाखों की भीड़ संभालने वाली कोलकाता पुलिस की भूमिका भी कटघरे में है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के मुताबिक, शनिवार शाम बारिश के बाद पंडाल में घोषणा हुई कि बारिश से ढांचा गिर सकता है। इसके तुरंत बाद लोग बाहर निकलने के लिए दौड़ पड़े और अफरा-तफरी फैल गई। कई चश्मदीदों का कहना है कि आने-जाने के रास्ते बेहद संकरे थे और कतारें घंटों तक आगे नहीं खिसक रही थीं।
पुलिस ने पूजा आयोजन से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ है। इनमें ज्यादातर लोग सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था देख रहे थे। त्योहार के दौरान शहर में 12 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती का दावा किया गया था, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि हादसे के वक्त वहां कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया।
पंचमी के दिन भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें भीड़ बैरिकेड तोड़कर इसी पंडाल में घुसती दिख रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गा पूजा के दौरान इतना बड़ा हादसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। अब जांच के नतीजों और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है।
स्रोत: बीबीसी हिंदी


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