पूर्व जेडीए चेयरमैन राजेंद्र सोलंकी ने पार्टी के हित को दरकिनार करते हुए अपने चहेते को बांटे टिकट, समाजों का संतुलन भी सही नहीं। मुस्लिमों के कई समाज रहे टिकट से बेदखल।
चहेतों को टिकट देने के चक्कर में पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व सीएम गहलोत व प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा के युवाओं को प्राथमिकता देने के बयानों पर पोती कालिख
जोधपुर। जोधपुर नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस ने टिकट वितरण में पार्टी की सारी मान मर्यादाएं भुला दीं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जोधपुर के जिन कांग्रेस नेताओं को टिकट वितरण की जिम्मेदारी सौंपी थी उन्होंने अपने चहेतों को उपकृत करने के लिए पार्टी की गाइडलाइन और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के उन बयानों पर कालिख पोत दी, जिसमें कहा गया था कि राजनीति में युवाओं को 50 फीसदी भागीदारी और टिकट वितरण में अधिकाधिक प्राथमिकता दी जाए। इन बयानों के उलट निगम चुनाव में युवाओं की भागीदारी को कम कर पार्टी के घिसे पीटे और पुराने चेहरों के बीच टिकटों की बंदरबांट कर दी। सार्वजनिक तौर पर टिकट प्राप्ति के लिए पार्टी की ओर से पर्यवेक्षकों द्वारा दावेदारों के साक्षात्कार, कोर कमेटी का गठन तथा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से तीन-तीन नाम का पैनल भेजने की कवायद सिर्फ दिखावा व खोखली साबित हुई।
हकीकत तो यह है कि इस प्रक्रिया में सर्वेसर्वा बन बैठे जोधपुर कांग्रेस के होल एंड सोल माने जाने वाले राजेंद्र सोलंकी ने कोर कमेटी को दरकिनार कर टिकट वितरण में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के पदाधिकारी तक के टिकट काट दिए। युवा कांग्रेस के दोनों जिलाध्यक्षों सहित एनएसयूआई पदाधिकारियों के टिकट काटे। प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस के इस होल एंड सोल नेता ने युवा कांग्रेस जोधपुर देहात के अध्यक्ष पुखराज दिवराया व उनकी पार्षद पत्नी सुमन दिवराया का टिकट काट दिया। वार्ड नंबर 100 से दावेदारी कर रहे दिवराया दंपति की जगह पूर्व पार्षद मयंक देवड़ा को टिकट थमा दिया गया। बहन और भाई कुंती देवड़ा और मयंक देवड़ा को टिकट देकर परिवारवाद को बढ़ावा दिया। इसी तरह युवा कांग्रेस के जोधपुर शहर के जिला अध्यक्ष योगेश कच्छवाह की जगह वार्ड नंबर 98 से जसवंत सिंह कच्छवाहा के पुत्र प्रशांत कच्छवाहा को टिकट दे दिया।
गौरतलब है कि पुखराज और योगेश पिछले लंबे समय से प्रदेश कमेटी के निर्देशानुसार सरकार के खिलाफ उठाए गए मुद्दों को लेकर जोधपुर शहर में धरना-प्रदर्शन कर विपक्ष की सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा सूरसागर से पूर्व विधायक भंवर बलाई की पौत्री श्वेता बलाई ने वार्ड नंबर 2 से दावेदारी की थी,उसकी जगह विमला को टिकट दे दिया गया। पूर्व पार्षद रोशन सांखला की पुत्रवधू ज्योति सांखला ने वार्ड नंबर 71 से दावेदारी पेश की थी, उनकी जगह पूर्व पार्षद शुभलक्ष्मी पुरोहित को उम्मीदवारी दे दी। इसी तरह जेएनवीयू के पूर्व छात्र संघ महासचिव व युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष अशोक भाटी ने वार्ड नंबर 93 से दावेदारी जताई, उनकी जगह दीपक गहलोत को टिकट दिया गया। वहीं वार्ड 31 से पूरे पांच साल सक्रिय रहने और जनता के काम करने वाले लतीफ पठान, इमरान और मुख्तार चिश्ती का टिकट काटकर दूसरे वार्ड से पार्षद रहे शहाबुद्दीन को टिकट देकर फैसला थोप दिया गया। जिन्होंने 5 साल मेहनत की उनका क्या, वहीं वार्ड नंबर 73 में पूर्व प्रदेश सचिव अल्पसंख्यक विभाग कलीम खान जो हमेशा सक्रिय रहते है पार्टी के लिए जी जान से मेहनत करते है साथ ही शहर के मीडिया प्रभारी एवं युवा कांग्रेस राजस्थान के प्रदेश समन्वयक दानिश अली का टिकट काटकर दानिश खान मोयल को टिकट थमा दिया गया, जबकि दानिश मोयल की कांग्रेस संगठन में कभी किसी तरह की कोई भागीदारी नहीं रही है। पूर्व छात्र संघ महासचिव मोहित सांखला ने वार्ड नंबर 82 से दावेदारी की थी,लेकिन उनकी जगह अरविंद परिहार को टिकट दे दिया। एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश महासचिव अशोक मेहरा ने वार्ड संख्या 88 से टिकट की दावेदारी की, लेकिन उनकी जगह त्रिलोक चंदेल को उम्मीदवारी दी। जेएनवीयू के पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष भवानी प्रसाद मेघवाल ने वार्ड नंबर 87 से टिकट की दावेदारी की,उनकी जगह चेतन प्रकाश को टिकट दे दिया गया। जोधपुर शहर युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष निर्मला पन्नू की जगह वार्ड 37 से सैयद इस्माइल अली को टिकट दे दिया। एनएसयूआई के जिला सचिव माहिर मेहर जो वार्ड नंबर 38 से दावेदारी कर रहे थे, उनकी जगह हकीम खान मारवाड़ को उम्मीदवारी दे दी गई। जोधपुर शहर कांग्रेस के जिला महासचिव मोहम्मद अतीक ने वार्ड नंबर 37 से दावेदारी की थी, उसकी जगह इस्लामुद्दीन और राहुल खेतानी जो कि युवा कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता हैं, उन्होंने वार्ड 37 से दावेदारी की थी, उनकी जगह चेतन प्रकाश को उम्मीदवार बना दिया गया। एनएसयूआई के सक्रिय कार्यकर्ता राहुल जवेरिया ने वार्ड नंबर 39 से भागीदारी की थी, उनकी जगह सुनील जोड़ को टिकट दे दिया गया। युवा कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता पवन टाक ने वार्ड नंबर 49 से दावेदारी की थी, उसकी जगह श्यामलाल विश्नोई को टिकट दिया गया। कुल मिलाकर कांग्रेस पार्टी जोधपुर में अब कांग्रेस पार्टी ना होकर सोलंकी पार्टी बन गई है। जिसमें योग्यता सिर्फ सोलंकी के यहां 5 साल धोक लगाते रहो चाहे जनता में काम करो या ना करो कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन यहां गुलामी करो और टिकट पाओ।