मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने पर 39 कारोबारियों पर 4.90 लाख का जुर्माना

एक माह में राशि जमा नहीं करने पर जारी होगी आरसी, भू-राजस्व की तरह होगी वसूली

लखीमपुर। मिलावटी एवं मानकविहीन खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभाग द्वारा लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की प्रयोगशाला जांच में मानकों पर खरा नहीं उतरने के बाद एडीएम न्यायालय में दर्ज 39 मामलों में सुनवाई करते हुए कुल 4.90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

एडीएम नरेन्द्र बहादुर सिंह ने मामलों की सुनवाई करते हुए संबंधित कारोबारियों पर जुर्माना लगाया। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जुर्माने की धनराशि एक माह के भीतर जमा नहीं करने पर आरसी जारी कर भू-राजस्व की तरह वसूली की जाएगी।

जुर्माने में छह दूध के नमूनों पर एक लाख रुपये, पनीर के तीन मामलों में 30 हजार रुपये, मिल्क मिठाई के दो मामलों में 25 हजार रुपये, सरसों के तेल के दो मामलों में 10 हजार रुपये तथा दाल में मिलावट के दो मामलों में 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

इसके अलावा अन्य खाद्य पदार्थों से संबंधित 10 मामलों में 1.25 लाख रुपये, बिना दूध की मिठाई के एक मामले में 20 हजार रुपये तथा 10 अन्य नमूनों से जुड़े मामलों में 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा बृजेन्द्र शर्मा ने बताया कि सभी संबंधित कारोबारियों को नोटिस जारी कर एक माह के भीतर जुर्माने की राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करने पर आरसी जारी कर नियमानुसार वसूली की जाएगी।

उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है। जांच में फेल पाए जाने वाले नमूनों से संबंधित मामलों को एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाता है।