मध्यप्रदेश की तर्ज पर राजस्थान में भी धौलपुर फ्रेश और गोवर्धन घी पर होनी चाहिए ताबड़तोड़ कार्यवाही, राजस्थान की जनता ध्यान रखे, धौलपुर फ्रेश और गोवर्धन घी आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है

सतना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो दिनों में संदिग्ध घी का 1.10 लाख रुपये का स्टॉक सीज किया। गोवर्धन और धौलपुर फ्रेश घी के नमूने भोपाल लैब भेजे गए हैं।
सतना। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा शहर में दो दिनों में एक लाख से अधिक के मिलावटी घी का संदिग्ध स्टॉक जब्त किया गया है। इसमें गोवर्धन घी और धौलपुर फ्रेश घी शामिल हैं। जब्त किये स्टॉक से कुछ सैंपल भोपाल लैबोरिटी को भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौर तालाब है कि प्रदेश में घी में मिलावट पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निदेर्शों के बाद जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। शहर में लगातार की जा रही कार्रवाई से घी कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है।
‘गोवर्धन घी’ के 5 अलग-अलग सैंपल लिए
रविवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभिषेक बिहारी गौर ने पंजाबी कॉलोनी स्थित सुपर स्टॉकिस्ट ‘श्री राम एंटरप्राइजेज’ पर औचक निरीक्षण किया। यहां टीम ने ‘गोवर्धन घी’ के 5 अलग-अलग सैंपल लिए। बताया गया कि पूर्व में जांचे गए गोवर्धन घी के सैंपल की रिपोर्ट असुरक्षित पाई गई जिसके बाद मिलावटी होने के संदेह के आधार पर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके से 69 हजार रुपये कीमत का पूरा स्टॉक सीज कर दिया। जानकारी के मुताबिक खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने 6 अगस्त को पन्ना रोड स्थित मोदी टावर में संचालित रिलायंस रिटेल लिमिटेड पर दबिश दी थी। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में उपलब्ध घी की गुणवत्ता को लेकर संदेह उत्पन्न होने पर टीम ने मौके से गोवर्धन घी और धौलपुर फ्रेश के नमूने जांच के लिए लिए। साथ ही संदिग्ध पाए गए घी का लगभग 41 हजार रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त कर लिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा बीते कुछ दिनों में की गई इन दोनों कार्रवाइयों को मिलाकर अब तक कुल 1,10,000 रुपये का संदिग्ध घी सीज किया जा चुका है।
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई, पूरे प्रदेश में चलाया अभियान
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए उत्पादों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घी निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं। रिपोर्ट में मिलावट अथवा गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग की इस मुहिम का उद्देश्य केवल मिलावटी घी की बिक्री पर अंकुश लगाना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना भी है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि घी में मिलावट के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। इससे कारोबारियों के बीच यह संदेश गया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर अब सख्त निगरानी रहेगी।
