निर्दलीयों की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं, दोनों पार्टियों का बिगाड़ा समीकरण
जोधपुर। नगर निगम के चुनाव में घमासान थम चुका है प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है दैनिक महका संसार की टीम लगातार इन चुनावों पर नजर बनाए हुए थी इसी के अनुसार हमने तैयार की है यह रिपोर्ट,
कांग्रेस को गलत टिकट वितरण का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है अन्यथा कांग्रेस का बोर्ड पूर्ण बहुमत से बन सकता था। हमारे सर्वे के अनुसार कांग्रेस को 35 से 42 सीट मिल सकती हैं वही भाजपा को 42 से 50 सीट मिल सकती है वहीं निर्दलीय एवं अन्य पार्टियों को 8 से 10 सीट मिल सकती है।
हॉट सीट बनी कई सीटों पर सीधी टक्कर
शहर की ऐसी कई सीट हैं जहां कांग्रेस एवं भाजपा के दिग्गज आमने-सामने है मेघराज लोहिया, ओमकार वर्मा, नरेश जोशी, प्रसन्न चंद मेहता, प्रदीप गांग, सुगंधा गोयल, देवेंद्र सालेचा, मयंक देवड़ा, कुंती देवड़ा सहित कई बड़े नेता कड़े मुकाबले में फंसे हुए हैं , वही कांग्रेस नेता जसवंत सिंह के पुत्र हारते दिखाई दे रहे है एवं कई बड़े नेता साफ साफ जीतते नजर आ रहे हैं।
शेखावत की मेहनत से भाजपा को मिला फायदा
सत्ता विरोधी लहर को देखते हुए भाजपा के कई बड़े नेता मोर्चा संभाले हुए थे जिनमें सबसे बड़ा नाम केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत है जिन्होंने 1 सितंबर से लेकर आज तक लगातार मेहनत की है एवं घर-घर जाकर वोट मांगे हैं भाजपा की पूरी टीम ने जान लगा दी थी जिसमें जिला अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, विधायक अतुल भंसाली, डॉक्टर अजय त्रिवेदी, घनश्याम ओझा सहित कई पूर्व पार्षदो ने कड़ी मेहनत की है इसी के चलते भाजपा ने अपनी स्थिति में सुधार किया है।
कांग्रेस के प्रचार में नेतृत्व की कमी दिखाई दी
वैसे तो भाजपा के साथ सत्ता विरोधी लहर दिखाई दे रही थी लेकिन कांग्रेस के गलत टिकट वितरण या नेतृत्व की कमी के कारण निश्चित रूप से भाजपा को फायदा मिला है कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चुनाव प्रचार थमने के अंतिम दिन 2 घंटे पहले आए थे इससे पहले इन्होंने जोधपुर में कोई रुचि नहीं दिखाई।वही दूसरी पंक्ति का कोई नेता प्रचार में ज्यादा असर नहीं दिखा पाया है सरदारपुरा क्षेत्र में राजेंद्र सोलंकी ने मोर्चा संभाला है लेकिन वह ज्यादा असरकारक नहीं दिखाई दे रहे है वही पूर्व शहर विधायक मनीषा पवार जरूर लगातार एक्टिव रही एवं उनके राजनीतिक अनुभव का लाभ प्रत्याशियों को मिला भी है। वही सूरसागर से कांग्रेस के प्रत्याशी शहजाद खान की अनुभवहीनता साफ दिखाई दी। जनता में उनके प्रति लोकप्रियता नहीं होने के कारण सूरसागर क्षेत्र में कांग्रेस में नेतृत्व की कमी साथ दिखाई दी।
करण सिंह उचियारड़ा ने दिखाया दम, उनके प्रति लोगों में उत्साह
जोधपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे करण सिंह उचियारड़ा इन चुनाव में लगातार एक्टिव रहे टिकट मांगने वालों की भीड़ भी उनके यहां लगी थी एवं टिकट वितरण के बाद उन्होंने जमकर मोर्चा संभाला एवं कई जनसभाएं भी की, कई चुनाव कार्यालयों का उद्घाटन भी किया। जोधपुर में करण सिंह उचियारड़ा को भविष्य के नेता के रूप में देखा जा रहा है एवं कांग्रेस कार्यकर्ता जहां नेतृत्व की कमी से जूझ रहे थे वही करण सिंह उचियारड़ा ने अपनी ओर से मोर्चा संभाला और कार्यकर्ताओं को अच्छा नेतृत्व देने की कोशिश की जिसका फायदा कांग्रेस को मिलता दिखाई दे रहा है।
अंतिम परिणाम 14 को
वैसे तो अंतिम परिणाम 14 सितंबर को आने हैं लेकिन हमारी अनुभवी टीम के द्वारा दिए गए फीडबैक के अनुसार हमने यह रिपोर्ट तैयार की है।