नही निकलेगा इस बार ईद मिलादुन्नबी का जुलूस, मुस्लिम समाज में रोष - Maheka Sansar

नही निकलेगा इस बार ईद मिलादुन्नबी का जुलूस, मुस्लिम समाज में रोष

उस्ताद हमीम बक्श की तबियत सही नही होने का दिया हवाला, लेकिन जुलूस नही निकालने के इस फैसले से मुस्लिम समाज के लोग नाराज भी है, क्या इसके पीछे कोई दबाव था ?

इम्तियाज अहमद

जोधपुर। पिछले कई दिनों से ईद मिलादुन्नबी के जुलूस को लेकर कई बाते सामने आई है लेकिन पहले निर्धारित 28 सितंबर को निकालना था लेकिन गणेश विसर्जन और ईद मिलादुन्नबी दोनो एक ही दिन होने से प्रशासन चिंता में था लेकिन मुस्लिम समाज के साथ बैठक कर जुलूस को 28 की जगह 29 को करने पर सहमति हुई थी लेकिन मुस्लिम समाज इस फैसले से नाराज दिखाई दिया और जलसा समिति के समक्ष नाराजगी जाहिर की थी और जुलूस को वापस 28 सितंबर कर दिया गया था जिससे प्रशासन वापस चिंता में आ गया था लेकिन अचानक जलसा समिति के अध्यक्ष उस्ताद हमीम बक्श को हार्ट अटैक आने से वो अस्पताल में भर्ती है और उन्हें अहमदाबाद शिफ्ट किया जा सकता है ऐसे में अन्य पदाधिकारियों ने जुलूस नही निकालने का सहमति पत्र डीसीपी अमृता दुहान के सौप दिया अब इस फैसले से मुस्लिम समाज में एक बार फिर नाराजगी सामने आ रही है लोगो के कहना है कि माना अध्यक्ष हमींम बक्श की तबीयत सही नही है उनके लिए दुआए की जाएगी वो जल्द सही हो लेकिन उनकी अनुपस्थिति में अन्य पदाधिकारियों को मिलकर जुलूस निकालना चाहिए।

गणेश विसर्जन और ईद मिलादुन्नबी दोनो त्योहार एक साथ आना कहीं असली वजह तो नही ?

दोनो त्योहार एक साथ आने से पहले ही काफी चिंता थी और उस्ताद हमीम बक्श को कई वर्षो का अनुभव है और वो हर कार्य आसानी से हैंडल कर लेते है लेकिन उनकी अनुपस्थिति में कोई आगे नही आना चाहता और दोनो त्योहार एक साथ होने से कही कोई गड़बड़ नही हो जाए इसी की आशंका के चलते शायद कोई नेतृत्व करने कोई आगे नही आना चाहता है इसलिए अन्य पदाधिकारियों ने उर्स को रद्द करके सभी परेशानियों से निजात पा लिया लेकिन उनका क्या होगा जो ईद मिलादुन्नबी के जुलूस की तैयारी करके बैठे थे और उनकी भावनाओं का क्या होगा।

क्या हम इतने कमजोर है जो एक साथ त्यौहार नही मना सकते

जोधपुर शहर अपनायत के शहर है यहां छुट पुट घटनाओं को छोड़कर हमेशा भाईचारा कायम रहता है लेकिन एक साथ त्यौहार आने के बाद ऐसा जरूर होता है की प्रशासन के हाथ पांव फूल जाते है लेकिन सभी समाज और धर्मो के प्रतिष्ठित लोगो को साथ लेकर सहमति बनाई जा सकती है आखिर क्यों हम एक साथ दो त्योहार नही मना सकते है जबकि जोधपुर अपणायत के शहर में हिंदू मुस्लिम किसी का भी त्योहार हो सब एक साथ मिलकर मनाते है तो अभी भी एक साथ त्यौहार मनाया जा सकता है।

ईद मिलादुन्नबी जलसा समिति ने जारी किया ये प्रेस नोट

ईद मिलादुन्नबी जलसा समिति जोधपुर अध्यक्ष उस्ताद हाजी हमीम बक्ष साहब का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण और अभी हाल राजकीय महात्मा गाँधी अस्पताल के आई.सी.यू.युनिट में भर्ती होने के कारण जलसा समिति के पदाधिकारियों व समस्त अखाड़ों के लाईसेंसधारी उस्तादों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेकर जुलूस ए मुहम्मदी नहीं निकाले पर सहमति व्यक्त की।

मीडिया प्रभारी नदीम बक्ष ने बताया कि ईद मिलादुन्नबी जलसा समिति अध्यक्ष उस्ताद हाजी हमीम बक्ष ने अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी समाज से आह्वान किया कि आप लोगों ने मुझे अपनी दुआओं से नवाजा और मेरे लिए अल्लाह की बारगाह में दुआएँ की, उसके लिए मैं दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ और मेरा समाज के सभी आशिके रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के दीवानों से व्यक्तिगत गुजारिश है कि जोधपुर शहर के सभी अखाड़ों के लाईसेंसधारी उस्ताद व अवाम के मोअज्जिज हजरात अपनी-अपनी मस्जिदों व मोहल्ले में होने वाली जश्ने ईद मिलादुन्नबी की तकरीरों, मिलादों में शिरकत करें व परिवार में खुशियाँ पूरे हर्षोउल्लास, आपसी सौहार्द व भाईचारगी के साथ मनाये। सभी आशिके रसूल गरीबों, बेवाओं, कमजोरों का ख्याल रखते हुए उनके खाने-पीने और रोजमर्रा की जरूरतों के समान के साथ कपड़े देकर उन्हें खुशियों में शामिल करें। जलसा समिति के पदाधिकारियों व सभी अखाड़ों के लाईसेंसधारी उस्तादों ने बैठक में लिये गये निर्णय से उस्ताद हाजी हमीम बक्ष को अवगत करवाकर उनकी सहमति प्राप्त कर जलसा समिति के महामंत्री उस्ताद अब्दुल वहीद खान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उस्ताद सलीम सैफी व उस्ताद मोहम्मद रफीक कुरैशी, कोषाध्यक्ष उस्ताद सुबराती खान अब्बासी, उस्ताद खलील गौरी, पदाधिकारियों में उस्ताद शफी मोहम्मद, उस्ताद फारुख खान, उस्ताद नवाब खान, उस्ताद भूरे खान, नियामत खान पठान, इंसाफ अली भाईजान, फिरोज खान, रमजान अली पप्पू, उस्ताद आबिद छीपा, उस्ताद जावेद, उस्ताद आबिद, मोहम्मद साबिर, खालिद, रमजु, जफर सहित कई पदाधिकारियों की मौजूदगी में डीसीपी ईस्ट अमृता दूहान को जुलूस ए मुहम्मदी नहीं निकाले जानेका ज्ञापन सौंपा।