बाड़मेर जिले में चर्चा का विषय बना शादी का कार्ड: शादी समारोह में नशावृत्ति पर पाबंदी का दिया संदेश - Maheka Sansar

बाड़मेर जिले में चर्चा का विषय बना शादी का कार्ड: शादी समारोह में नशावृत्ति पर पाबंदी का दिया संदेश

जैसलमेर/बाड़मेर-अपनी ‘शादी’ को यादगार बनाने के लिए ‘आसमान में वर माला डालना’,‘हेलीकॉप्टर से दूल्हे का पहुंचना’और ‘एयर बैलून’ में विवाह रचाने जैसी खबरें आपने जरूर पढ़ी होंगी लेकिन बाड़मेर जिले के निम्बला गांव के टेलर के बेटे की शादी के कार्ड पर बेहद अनूठा ‘स्लोगन’ छपवाकर लोगों की सुर्खियां बटोरीं हैं।

समाज को नई सीख देने वाले इस टेलर के बेटे की शादी 19 फरवरी को है।सुर्खियां बटोर रहे शादी के कार्ड पर”शादी समारोह में नशावृत्ति पर पूर्ण पाबंदी रहेगी”का संदेश लिखवाया गया है। शादी-पार्टियों में नशे के चलन पर आधुनिकता का परदा डाल इसे आज के नए जमाने का फैशन मानने वालों को यह कार्ड ‘आइना’दिखा रहा है।बाड़मेर जिले के निम्बला गांव में रहने वाले लाधूराम चावड़ा के बेटे खुशाल का इसी माह 19 फरवरी को शादी है।इस शादी के कार्ड जब लाधूराम के सगे-संबंधियों तक पहुंचे तो यह कार्ड सुर्खियां बन गया। दूल्हे के भाई प्रकाश चावड़ा ने अनूठी पहल करते हुए कार्ड पर सबसे ऊपर शादी समारोह में नशावृत्ति पर पूर्ण पाबंदी रखने का अनुरोध छपवाया गया है।पीपा क्षत्रिय टाईगर फोर्स जैसलमेर जिला उपाध्यक्ष विक्रम पंवार सहित समाज के कई वरिष्ठ लोगों ने इस अनूठी ‘पहल’ की सराहना कि है।दुल्हे के भाई प्रकाश चावड़ा ने बताया कि शादी-पार्टी में शराब पीने की वजह से अक्सर नशे में बवाल होता है। जिससे वर-वधू पक्ष नाहक परेशान तो होते ही हैं, शादी का सारा उल्लास खत्म हो जाता है।

नशा एक सामाजिक बुराई है। प्रकाश चावड़ा का मानना है, कि शादी से दो जिंदगियों का नया जीवन शुरू होता है। शुरुआत किसी भी काम की हो उसमें किसी भी तरह की बुराई शामिल नहीं होनी चाहिए।उन्होंने बताया कि नशे के दुष्परिणामों को देखते हुए शादी के कार्ड पर यह संदेश छपवाने का विचार आया।समाज में विरोध के डर से एक बारगी तो ऐसा न करने का सोच लिया, फिर ख्याल आया किसी भी अनहोनी को टालने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी है। हालांकि लोग प्रकाश चावड़ा के इस सामाजिक संदेश को काफी पसंद कर रहे हैं। प्रकाश चावड़ा समाज के लिए एक मिसाल बन गए हैं।

कुछ रिश्तेदार नाराज भी हुए

प्रकाश चावड़ा कहते हैं,कि शादी के कार्ड पर नशे कि पाबंदी की बात छपी देख कुछ रिश्तेदार नाराज भी हुए। कॉल कर इसका विरोध दर्ज कराया। कुछ ने तो शादी में शरीक न होने तक की बात कह डाली लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है।