काजू-बादाम और मिठाईयों में स्वास्थ्यविरोधी मिलावट, खाद्य सुरक्षा विभाग कराएगा मुकदमा दर्ज

सवाई माधोपुर में दीपावली के अवसर पर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में कई काजू, बादाम और मिठाई उत्पाद स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए गए। 4 नमूने अनसेफ और 21 नमूने सब-स्टैंडर्ड, विभाग ने संबंधित संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की चेतावनी जारी की

सवाई माधोपुर। दीपावली की तैयारी और उत्सव के बीच, जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक चौकाने वाली जांच रिपोर्ट जारी की है, जिसमें शहर के कई प्रतिष्ठित होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों को सप्लाई होने वाले काजू, बादाम और अन्य मिठाई उत्पाद स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए गए हैं। दीपावली के दौरान 58 नमूने संग्रहित कर जयपुर की केंद्रीय जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजे गए थे, जिनमें से अब तक 45 नमूनों की रिपोर्ट विभाग को प्राप्त हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, इन नमूनों में 25 नमूने अमानक स्तर के पाए गए हैं, जिनमें से 4 नमूने अनसेफ और 21 नमूने सब-स्टैंडर्ड प्रकृति के हैं। खासकर दीपक इंटरप्राइजेज के काजू और बादाम, अग्रवाल मिष्ठान भंडार (पीपलदा, मित्रपुरा) के लड्डू और शंकर मिष्ठान भंडार (छाण खंडार) के लड्डू अनसेफ पाए गए, जिनमें ऐसी खतरनाक रासायनिक मिलावट थी जो लिवर, हृदय और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इसके अलावा, राहुल मावा भंडार, बालाजी किराना जनरल स्टोर, फूड कोस्टा रेस्टोरेंट, बाबूलाल दीपक कुमार, एम एम किराना स्टोर, पीयूष किराना एवं जनरल स्टोर सहित अन्य प्रतिष्ठानों के नमूने सब-स्टैंडर्ड पाए गए। विशेष रूप से रेलवे स्टेशन पर आगरा से आने वाले मावे के नमूनों की जांच में सभी नमूने अमानक स्तर के पाए गए, जिन्हें विभाग द्वारा जब्त कर नष्ट करवा दिया गया।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के आयुक्त टी. शुमंगला के निर्देशन में और CMHO डॉक्टर अनिल कुमार जैमिनी की निगरानी में चलाए गए शुद्ध आहार पर वार अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेद प्रकाश पूर्विया और नितेश गौतम की टीम ने निरीक्षण, नमूनीकरण और जब्ती का कार्य किया। विभाग ने सभी संबंधित संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और कोर्ट में चालान दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी नितेश गौतम ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी विक्रेता द्वारा मिलावटी या अवधि-सीमा समाप्त खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हों, तो इसकी सूचना विभाग को दें। विभाग शिकायत की सत्यता जांचने के बाद संबंधित खाद्य पदार्थ की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगा।