राजस्थान में मिलावट को लेकर सरकार की जबरदस्त कार्यवाहियों से 9 को जेल, 43 हजार से ज्यादा नमूनों की जांच , खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रदेशभर भर से 43,736 खाद्य नमूने लेकर उनकी जांच कराई, जिनमें से 5,983 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे
जयपुर। राजस्थान में खाद्य सुरक्षा को लेकर किए जा रहे प्रयासों और मिलावटखोरी के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़े सामने आए हैं। पहली बार खाद्य सुरक्षा एंव औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने मिलावट के खिलाफ रिकॉर्ड कार्रवाई की है।
वर्ष 2025-26 (मार्च 2026 तक) में खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर निरीक्षण, सैंपलिंग और कानूनी कार्रवाई की है। विभाग द्वारा 43,736 खाद्य नमूनों की जांच की गई, जिनमें 5,983 नमूने विभिन्न श्रेणियों में अमानक पाए गए। अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त भगवत सिंह ने बताया ने बताया कि हमारी कोशिश है कि आमजन को बाजार से लेकर किचन तक मिलावट रहित खाद्य पदार्थ मिल सके। इसे लेकर विभाग लगातार मिलावट को लेकर कार्रवाई को अंजाम देता है।खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार इस अवधि में 821 लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कैंप आयोजित किए गए।वहीं 14,679 नए लाइसेंस और 25.36 लाख से अधिक नए खाद्य रजिस्ट्रेशन जारी किए गए।
बीते एक साल में रिकॉर्ड कार्रवाई
भगवत सिंह ने बताया ने बताया कि बीते एक साल में विभाग ने बड़ी संख्या में मिलावट पर कार्रवाई को अंजाम दिया है।एफएसडब्ल्यू (Food Safety Wing) ने 29,241 नमूने लिए, जिनमें से 1,171 नमूने अमानक पाए गए. कुल जांचे गए 43,736 नमूनों में से 4,295 नमूने एक्ट के तहत अमानक पाए गए, जबकि 1,688 नमूने सर्विलेंस जांच में अमानक मिले। उन्होंने बताया कि पहली बार मिलावटखोरों पर कानूनी कार्रवाई तेज की गई है। विभाग ने 3,426 मामले न्यायालय में पेश किए, जिनमें से 2,713 मामलों का निस्तारण हुआ. अदालतों ने 97.22 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया, जबकि 9 मामलों में कारावास की सजा सुनाई गई।
बड़ी मात्रा में मिलावट पर कार्यवाही
खाद्य सुरक्षा एंव औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने मिलावट को पहली बार बड़े ब्रांड पर कार्रवाई की. इस दौरान विभाग ने एक अंतरष्ट्रीय फ़ूड चेन समेत नामी नमकीन कम्पनी पर भी कार्रवाई को अंजाम दिया। बड़े ब्रांड के खाद्य पदार्थ पर प्रतिबंध लगाया। आयुक्तालय ने बीते एक साल में कार्रवाई के दौरान 13.60 लाख किलोग्राम/लीटर खाद्य सामग्री नष्ट की गई और 8.80 लाख किलोग्राम/लीटर खाद्य पदार्थ सीज किए गए। इनमें दूध, घी, तेल, मिठाइयां, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री शामिल हैं। भगवत सिंह का कहना है कि खाद्य सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है. विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस का उद्देश्य सुरक्षित, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
जांच का दायरा लगातार बढ़ा
आंकड़े बताते हैं कि पिछले चार वर्षों में खाद्य सुरक्षा जांच का दायरा लगातार बढ़ा है. वर्ष 2022 में जहां केवल 14 हजार 53 नमूनों की जांच हुई थी। वहीं 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 34 हजार 62 और 2024-25 में 39 हजार 245 तक पहुंच गई. अब 2025-26 में यह आंकड़ा 42 हजार के पार पहुंच चुका है। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर राजस्थान में खाद्य सुरक्षा और मिलावट के खिलाफ चलाए गए अभियानों के आंकड़े राज्य में व्यापक कार्रवाई की तस्वीर पेश करते हैं।