अलवर के मावे में भी मिलावट, 500 से ज्यादा सैंपल फेल, 35 लाख का जुर्माना लगाया

अलवर। शहर की पहचान माने जाने वाले प्रसिद्ध कलाकंद को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में पिछले ढाई वर्षों के दौरान 500 से अधिक खाद्य नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतर पाए, जिससे मिलावटखोरी की गंभीर समस्या उजागर हुई है। जांच रिपोर्टों ने यह संकेत दिया है कि बाजार में बिकने वाले कई दुग्ध उत्पादों और मिठाइयों की गुणवत्ता संदिग्ध है, जिनमें अलवर का मशहूर कलाकंद भी शामिल है। फूड सेफ्टी विभाग लगातार सैंपलिंग और कार्रवाई कर रहा है, लेकिन मिलावट का कारोबार पूरी तरह थम नहीं पाया है. विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी मिठाइयों का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को मिठाई खरीदते समय गुणवत्ता, स्वच्छता और विश्वसनीय दुकानों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

अगर आप भी अलवर का फेमस कलाकंद खाना पसंद करते हैं तो सावधान हो जाइए। अब अलवर का कलाकंद भी मिलावटखोरों की भेंट चढ़ गया है। अलवर में स्वास्थ्य विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पिछले ढाई साल में विभाग ने 1900 से अधिक खाद्य सामग्री के सैंपल जांच के लिए भेजे। इनमें से 500 से ज्यादा नमूने प्रयोगशाला जांच में फेल पाए गए।इससे साफ है कि बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों का कारोबार बड़े स्तर पर चल रहा है। अलवर स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए नमूनों में कलाकंद, अन्य मिठाई, मसाला सहित समोसा कचोरी खाद्य सामग्री के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन मिठाई और खाद्य सामग्री खरीदते समय लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। अलवर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच के लिए भेजे गए सैंपल में जो 500 से ज्यादा नमूने फेल पाए गए हैं उनमें मिलावट मिली है। जिसमें दूध, मिठाई, मसाले सहित विभिन्न खाद्य सामग्री मिलावट की पाई गई।

दोषी लोगों पर 34 लाख 72 हजार रुपए की पेनल्टी लगाई

अलवर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. योगेन्द्र शर्मा ने बताया कि जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर कार्रवाई करता है। विभाग हर साल खाद्य सामग्री में मिलावट करने वाले लोगों पर कार्रवाई करता है इसी के तहत वर्ष 2024 में स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सामग्री के 907 सेम्पल लिए गए। जिसमें 290 सैंपल जांच में फेल पाए, जिन पर 106 प्रकरण एडीएम कोर्ट में पेश किए गए, जहां दोषी लोगों पर 34 लाख 72 हजार रुपए की पेनल्टी लगाई गई।

65 नमूने फेल पाए गए

वहीं अलवर स्वास्थ्य विभाग में साल 2025 में निरंतर मिलावटखोरों पर नजर रखते हुए कार्रवाई की. इस दौरान खाद्य सामग्री के 779 नमूने लिए गए, जिसमें से 233 सेम्पल जांच में फेल पाए गए हैं. इनमें से 56 मामले कार्रवाई के लिए एडीएम कोर्ट में पेश किए गए, जिनमें दोषी लोगों के खिलाफ 11 लाख 30 हजार की पेनल्टी वसूली गई. इसके अलावा साल 2026 में स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी से मई तक खाद्य सामग्री के 297 सेम्पल लेकर जांच को भेजे गए, जिसमें 65 नमूने फेल पाए गए हैं।

मिलावट का पता लगाने के लिए मैसूर लैब भेजती

इसके अलावा जिला स्वास्थ्य विभाग ने मिलावट का पता लगाने के लिए मैसूर लैब भेजती है जिसमें मिलावट का पता चलता है. अलवर CMHO ने बताएं कि मैसूर लैब में उन खाद्य सामग्री के सैंपल भेजे जाते हैं जो जिला स्तरीय लैब में जांच में फेल पाए जाते हैं. जिसमें 2024 से मई 2026 तक मैसूर स्थित प्रयोगशाला में जांच के लिए 156 सेम्पल भेजे. जिसमें से मात्र 36 सेम्पल ही पास हुए, वहीं 120 नमूने जांच में फेल पाए गए।