एलआईसी के नियंत्रण वाले आईडीबीआई बैंक ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। सितंबर 2026 को खत्म तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 39 प्रतिशत घटकर 2,205 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 3,627 करोड़ रुपये था।
मुनाफे में इस गिरावट की मुख्य वजह पिछले साल की एकमुश्त कमाई है। तब बैंक ने एनएसडीएल के आईपीओ में अपनी 11.11 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर करीब 1,699 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था। इस बार ऐसी कोई आय नहीं हुई और गैर-ब्याज आय 46 प्रतिशत घटकर 1,353 करोड़ रुपये रह गई।
मुख्य कारोबार में बैंक का प्रदर्शन मजबूत रहा। शुद्ध ब्याज आय 29 प्रतिशत बढ़कर 4,228 करोड़ रुपये पहुंच गई और कुल आय 9,865 करोड़ रुपये रही। सकल एनपीए घटकर 2.12 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 0.17 प्रतिशत पर आ गया, जो परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार दिखाता है।
सरकार ने 14 अक्टूबर को बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को बेचने की मंजूरी दी है। करीब 52,878 करोड़ रुपये का यह सौदा 81 रुपये प्रति शेयर के भाव पर होगा। शुक्रवार को शेयर 84.12 रुपये पर बंद हुआ था, इसलिए सोमवार को बाजार खुलने पर निवेशकों की नजर इस पर रहेगी।
स्रोत: टीवी9 भारतवर्ष


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