उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर रविवार को दिल्ली में दो जगह प्रदर्शन हुए। पटियाला हाउस कोर्ट के गेट नंबर-5 के बाहर दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार, नोएडा और गाजियाबाद से आए लोगों ने भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें कुछ दूरी पर रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में टकराव हुआ और पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर जांच पूरी होने तक गौतम की नियुक्ति पर रोक और कथित वीआईपी भूमिका की जांच की मांग की।
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि दोषियों को सजा मिलने तक प्रदेश के लोग चुप नहीं बैठेंगे। प्रदर्शन में कई अन्य नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
उधर कनॉट प्लेस के इनर सर्किल में दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकाला। पुलिस के रोकने पर धक्का-मुक्की हुई और प्रदर्शनकारी महिलाओं को हिरासत में लिया गया। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने मामले की निष्पक्ष जांच और अंकिता के परिवार की चिंताओं को गंभीरता से लेने की मांग की।
गौरतलब है कि 2022 में ऋषिकेश के पास एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट रही 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को उम्रकैद हो चुकी है, फिर भी वीआईपी एंगल की जांच की मांग लगातार उठ रही है।
स्रोत: अमर उजाला


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