श्रीगंगानगर में बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट वाले पैकेट मिलने का मामला, अधिकारियों ने लगाया राजकार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप; विधायक बोले—नाजायज कार्रवाई बर्दाश्त नहीं करेंगे
श्रीगंगानगर। शहर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम और विधायक जयदीप बिहाणी के बीच विवाद का मामला सामने आया है। मंगलवार को एसएसबी रोड स्थित मीरा चौक के पास मनुहार मेवा स्टोर पर ड्राई फ्रूट्स की जांच करने पहुंची फूड सेफ्टी टीम को बिना कार्रवाई के लौटना पड़ा। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का आरोप है कि विधायक ने मौके पर पहुंचकर जांच में बाधा डाली और उन्हें धमकाया। वहीं, विधायक ने कार्रवाई के लिए आवश्यक अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
बिना एक्सपायरी डेट वाले पैकेट मिलने की शिकायत
फूड इंस्पेक्टर नित्या शर्मा और मंजू बाला के अनुसार, विभाग को मनुहार मेवा स्टोर पर एक्सपायरी डेट वाले उत्पाद बेचे जाने की ऑनलाइन शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर टीम जांच के लिए दुकान पर पहुंची। अधिकारियों का कहना है कि दुकान के पीछे काजू, बादाम और अन्य ड्राई फ्रूट्स की पैकिंग की जा रही थी। इन पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट अंकित नहीं थी।
अधिकारियों के मुताबिक, जब उन्होंने जांच की प्रक्रिया शुरू की तो दुकान संचालक अतुल अग्रवाल ने विरोध किया और विधायक जयदीप बिहाणी को फोन कर मौके पर बुला लिया। इसके बाद विवाद की स्थिति बन गई और टीम बिना कार्रवाई किए लौट गई।
अधिकारियों ने लगाया धमकी देने का आरोप
फूड इंस्पेक्टर नित्या शर्मा और मंजू बाला ने आरोप लगाया कि विधायक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, धमकी दी और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायक ने उनकी गाड़ी की चाबी निकालने का प्रयास किया। दोनों अधिकारियों ने मामले की शिकायत जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित रूप में दी है।
विधायक बोले—बिना अनुमति कार्रवाई नहीं होने देंगे
विधायक जयदीप बिहाणी ने कहा कि किसी भी तरह की नाजायज कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीम के पास कार्रवाई करने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों को जांच के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं है, तो जनप्रतिनिधि भी कहीं जाकर हस्तक्षेप कर सकता है।
विधायक ने कहा कि श्रीगंगानगर की जनता ने उन पर विश्वास जताया है और वे लोगों को परेशान नहीं होने देंगे। उन्होंने अधिकारियों से एफसीआई के गोदामों में रखे पुराने गेहूं की भी जांच करने की मांग की।
सीएमएचओ बोले—शिकायत सही मिली, सैंपल नहीं लेने दिया
सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि विभाग को व्हाट्सऐप नंबर पर शिकायत मिली थी। इसके बाद फूड इंस्पेक्टर नित्या शर्मा और मंजू बाला स्वास्थ्य विभाग के एक अन्य कर्मचारी के साथ मौके पर पहुंचीं।
सीएमएचओ के अनुसार, जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया। टीम ने व्यापारी अतुल अग्रवाल से सैंपल लेने की बात कही, लेकिन व्यापारी और उनकी पत्नी ने विरोध करते हुए सैंपल देने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई।
सीएमएचओ ने बताया कि दोनों महिला अधिकारियों ने पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायत दी है। मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।


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