यूरोप के कई देशों में महंगाई, आवास संकट और सरकारी नीतियों के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। फ्रांस, अल्बानिया, इटली, स्पेन और पुर्तगाल में लाखों लोग सड़कों पर उतरे और कई जगह हिंसक झड़पें भी हुईं। इन प्रदर्शनों में सैकड़ों लोग गिरफ्तार हुए और तनावपूर्ण हालात बन गए।
फ्रांस में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन
फ्रांस में सरकार की नीतियों के खिलाफ करीब 4.10 लाख लोग सड़कों पर उतरे, जबकि सीजीटी यूनियन ने प्रदर्शनकारियों की संख्या आठ लाख बताई। पेरिस, ल्योन, लिले और मार्सिले जैसे शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। पुलिस ने 1,314 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें पेरिस में 65 लोग शामिल हैं। प्रदर्शन पर नजर रखने के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल भी किया गया। येलो वेस्ट आंदोलन और श्रमिक संगठनों ने 31 अक्टूबर और 5 नवंबर को फिर से देशव्यापी प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पुलिस ने पूरे देश में पर्याप्त तैनाती को लेकर अपनी चिंता जताई है।
अल्बानिया में हिंसा भड़की
अल्बानिया की राजधानी तिराना में सरकार विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों को निशाना बनाया और आग लगाने की कोशिश की। पुलिस ने आंसू गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल कर भीड़ को नियंत्रित किया। इस दौरान 300 से अधिक पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए। सुरक्षा के लिए करीब 2,500 पुलिसकर्मी तैनात थे। प्रधानमंत्री एडी रामा के कार्यालय के पास भी आगजनी की कोशिश हुई।
इटली में रोम और ट्यूरिन में झड़पें
इटली में हजारों लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 5,000 पुलिसकर्मी और 500 सेना के जवान तैनात थे। मिलान में स्थिति शांत रही, लेकिन रोम और ट्यूरिन में कई जगह झड़पें हुईं। रोम में प्रदर्शनकारियों ने ऐतिहासिक कोलोसियम में प्रवेश करने की कोशिश की। नौ शहरों में नौ लोग गिरफ्तार हुए और 371 को हिरासत में लिया गया, जिनमें 110 नाबालिग भी थे।
स्पेन में पेंशन और आवास संकट के खिलाफ प्रदर्शन
स्पेन की राजधानी मैड्रिड में प्रदर्शनकारियों ने पेंशन व्यवस्था में सुधार और महंगाई के अनुसार पेंशन बढ़ाने की मांग की। साथ ही पेंशन व्यवस्था के निजीकरण के खिलाफ सुरक्षा उपायों की मांग भी उठाई। आवास संकट के खिलाफ प्यूर्टा डेल सोल चौक पर विरोध शिविर शुरू हुआ, जहां महंगे किराए और घरों की बढ़ती कीमतों को आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बताया गया।
पुर्तगाल में आवास विरोध प्रदर्शन
पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में आवास संकट के खिलाफ विरोध शिविर को पुलिस ने तड़के हटा दिया। इस कार्रवाई में गिरफ्तारियां हुईं और कुछ लोग मामूली रूप से घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने किराये पर नियंत्रण और बेदखली की प्रक्रिया को आसान बनाने वाले प्रस्तावित नियमों को वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि आवास से जुड़े फैसलों में आम जनता के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
ट्रंप ने फ्रांस की आव्रजन नीति को ठहराया जिम्मेदार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में जारी अशांति के लिए आव्रजन नीतियों को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि फ्रांस ने ऐसे लोगों को आने दिया जो उसकी संस्कृति और विरासत का सम्मान नहीं करते। ट्रंप ने अमेरिका की आव्रजन नीति का बचाव करते हुए कहा कि उनका प्रशासन ऐसी स्थिति से बचने के लिए कदम उठा रहा है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप की इस आलोचना को पहले ही खारिज कर दिया है।
यूरोप की बड़ी चुनौती: आर्थिक दबाव
यूरोप के विभिन्न देशों में जारी विरोध प्रदर्शन दर्शाते हैं कि महंगाई, आवास की बढ़ती कीमतें और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। हालांकि हर देश में विरोध के कारण अलग हैं, लेकिन आर्थिक परेशानियां आम जनता के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।


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