पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी विवाद बढ़ता जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने आम आदमी पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
हरसिमरत कौर बादल का आरोप
हरसिमरत कौर बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो संदेश में कहा, "क्या आपने कभी किसी राज्य में देखा है कि पुलिस किसी मृतक के शव को गलत तरीके से उठा ले? गुरु द्रोही भगवंत मान के पंजाब में आपका स्वागत है। आज पंजाब में ऐसा ही हुआ है।"
उन्होंने बताया कि मानसा के गांव भम्मे कलां के 35 वर्षीय दलजीत सिंह की कथित तौर पर ड्रग्स की ओवरडोज से मौत हुई, लेकिन पुलिस ने परिवार की अनुमति के बिना शव को जबरदस्ती उठा लिया।
सरकार पर नशा विरोधी आवाजें दबाने का आरोप
हरसिमरत ने कहा, "ड्रग तस्करों और नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय पुलिस और आप सरकार नशा-विरोधी मुहिम चलाने वालों और उनके दुखी परिवारों की आवाज दबा रही है। यह अविश्वसनीय, अस्वीकार्य और अक्षम्य है।"
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, "भम्मे कलां का एक और नौजवान नशे का शिकार हो गया, और पुलिस इसे 'आपसी रंजिश' बताकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।"
शव को लेकर परिवार की परेशानी
हरसिमरत ने बताया कि जब दलजीत के परिवार ने शव को 'झोटा' के धरना स्थल पर ले जाने का फैसला किया, तो प्रशासन ने उन्हें रोका और जबरदस्ती शव अपने साथ ले गया। परिवार ने कहा, "भगवंत मान झूठे हैं। हमारा बेटा चिट्टे की ओवरडोज से मरा है। हमें आपके 1000-1500 रुपये नहीं चाहिए, हमें बस हमारा बेटा वापस चाहिए। हमें यह भी नहीं पता कि पुलिस ने शव को कहां ले जाया है।"
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की अपील
हरसिमरत कौर बादल ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि 'आप' की पुलिस पंजाब और पंजाबियों के खिलाफ एक जंग छेड़ रही है, जबकि ये परिवार गहरे दुख में हैं।
पंजाब में बढ़ती अपराध दर पर सवाल
हरसिमरत ने पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, "एक ही दिन में मोगा, अमृतसर, पटियाला और लुधियाना में चार हत्याएं हुईं। ये अब आम बात हो गई हैं।"
भगवंत मान को जिम्मेदार ठहराया
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, "मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के रूप में भगवंत मान को शर्म आनी चाहिए। वे पंजाब के दो सबसे अहम मुद्दों- नशा और कानून-व्यवस्था- पर पूरी तरह विफल रहे हैं। अगर वे चाहते तो नशा और अपराध से सख्ती से निपट सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, क्योंकि सिस्टम और 'आप' के लोग मुनाफा कमाने में लगे हैं।"


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