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बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
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जामिया में 14 दिन से भूख हड़ताल, छात्र संघ चुनाव बहाली समेत 3 मांगें अड़ीं

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर 14 दिन से छात्र भूख हड़ताल पर हैं।

जामिया में 14 दिन से भूख हड़ताल, छात्र संघ चुनाव बहाली समेत 3 मांगें अड़ीं
जामिया में 14 दिन से भूख हड़ताल, छात्र संघ चुनाव बहाली समेत 3 मांगें अड़ीं

नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्र पिछले 14 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्र संघ चुनाव की तारीख घोषित करना, मुख्य प्रॉक्टर को हटाना और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग प्रमुख हैं।

भूख हड़ताल और छात्रों का समर्थन

कैंपस में भूख हड़ताल कर रहे छात्रों के समर्थन में 100 से 150 अन्य छात्र धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र फैजान ने आरोप लगाया कि सुरक्षा सलाहकार छात्रों से गाली-गलौज करते हैं और उन्हें तत्काल हटाया जाना चाहिए। फैजान ने कहा कि प्रशासन छात्रों को परेशान कर रहा है।

प्रशासन की कमेटी और छात्रों की मांग

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्र संघ के संविधान तैयार करने के लिए एक कमेटी बनाई है, लेकिन छात्र केवल संविधान बनाने से संतुष्ट नहीं हैं। वे चुनाव कराने की तारीख घोषित करने पर ही राजी हैं।

24 अक्टूबर को टकराव और बाद के फैसले

24 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच टकराव हुआ था। इसके बाद प्रशासन ने सभी कक्षाएं ऑनलाइन कर दीं और लाइब्रेरी बंद रखी। इसी बीच कैंपस में विवादित नारे लिखे जाने का मामला भी सामने आया, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों ने इसका खंडन किया है।

हॉस्टल प्रवेश और मेडिकल सुविधाओं में दिक्कतें

प्रदर्शनकारी छात्रों ने हॉस्टल में प्रवेश नहीं मिलने और मेडिकल सुविधाओं तक पहुंच में रुकावट की शिकायत की है। छात्र अरमान मलिक ने बताया कि आईडी कार्ड होने के बावजूद उन्हें हॉस्टल में प्रवेश नहीं दिया जा रहा और हेल्थ केयर सेंटर जाने की अनुमति नहीं मिल रही है।

छात्र संघ के बिना समस्याओं का समाधान नहीं

छात्रों का कहना है कि छात्र संघ न होने से उनकी समस्याओं को उचित मंच नहीं मिल रहा। मोहम्मद आर्यन ने बताया कि उन्हें हॉस्टल नहीं मिला और इमरजेंसी मेडिकल सुविधा के बावजूद वहां जाने नहीं दिया जा रहा। कुछ छात्रों ने सुरक्षा कर्मियों पर अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया है।

महिला छात्रों की भी शिकायतें

महिला छात्रों ने भी मेडिकल इमरजेंसी में अस्पताल जाने से रोके जाने और आईडी कार्ड होने के बावजूद हॉस्टल में प्रवेश नहीं मिलने की बात कही। एक छात्रा ने बताया कि यह उनकी अपनी यूनिवर्सिटी और हॉस्टल है, फिर भी उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिल रही।

मांगें और जारी तनाव

छात्र संघ चुनाव बहाल करने के साथ-साथ छात्रों ने हॉस्टल प्रवेश, मेडिकल सहायता और सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार से जुड़ी शिकायतों का समाधान करने की मांग की है। इन आरोपों के बीच कैंपस में तनाव बना हुआ है।

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संपादकीय टीम · Maheka Sansar

Maheka Sansar की संपादकीय टीम।

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