खरगोन जिले के बड़वाह स्थित नावघाटखेड़ी नर्मदा घाट पर रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इंदौर से एक अंतिम संस्कार में शामिल होने आए चार युवक नदी में नहाते समय अचानक जलस्तर बढ़ने से नवनिर्मित रेलवे पुल के पिलरों के पास फंस गए। घाट पर मौजूद गोताखोरों ने करीब एक घंटे चले अभियान के बाद चारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार इंदौर निवासी सचिन और उसके तीन साथी नर्मदा के उत्तरी तट पर बने मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के बाद स्नान करने उतरे थे। उस समय पानी कम दिख रहा था और वे पुल के पिलरों तक चले गए। कुछ ही देर में जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा और उनके लिए घाट तक लौटना मुश्किल हो गया।
सूचना मिलते ही गोताखोर बाबूलाल मंगले के नेतृत्व में जितेश केवट, अनिल मंगले, सुरेश केवट और गोवर्धन प्रसाद मौके पर पहुंचे। तेज बहाव के बीच उन्होंने ट्यूब और रस्सी की मदद से युवकों तक पहुंच बनाई और फिर नाव से एक-एक कर सभी को घाट तक लाए। समय पर मदद न मिलती तो युवकों के बह जाने का खतरा था।
माना जा रहा है कि ओंकारेश्वर बांध से बिजली उत्पादन के दौरान टरबाइनों की संख्या घटने-बढ़ने से नीचे के घाटों पर नर्मदा का जलस्तर अचानक बदल जाता है। इसी कारण घाटों पर लोगों को सावधानी बरतने और नदी के बीच या पुल के पिलरों के आसपास न जाने की सलाह दी जाती है।
स्रोत: अमर उजाला


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