शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर तीखा हमला बोला। अखिल भारतीय मराठी पत्रकार परिषद के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगर कोई सरकार लोगों से मतदान और विरोध प्रदर्शन के जरिए अपनी बात रखने का अधिकार छीन रही है, तो उसे बदलने की जरूरत है और विपक्ष इसी के लिए आवाज उठा रहा है।
ठाकरे ने वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के सत्ता परिवर्तन वाले आह्वान का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और अन्य दलों के प्रदर्शनों के दौरान युवाओं और महिलाओं के साथ पुलिस की कथित ज्यादती का मुद्दा उठाया। नवरात्रि के बीच उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या दिल्ली में हजारों पुलिसकर्मी डांडिया खेलने के लिए तैनात किए गए हैं।
दशहरा समारोहों में कॉकरोच के पुतले जलाए जाने की खबरों पर भी उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष किया और कहा कि राम को लाने का दावा करने वाले कॉकरोच से डरते हैं।
गौरतलब है कि गुरुवार को सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ संवाददाता सम्मेलन में प्रशांत भूषण ने कहा था कि लोकतंत्र में सरकार के प्रति असंतोष जताना अपराध नहीं है और अगर दमन जारी रहा तो सत्ता परिवर्तन होगा। उनके इस बयान पर भाजपा समेत सत्तारूढ़ दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी कह चुके हैं कि संविधान के रहते सत्ता परिवर्तन का एकमात्र रास्ता चुनाव है।
स्रोत: लाइव हिन्दुस्तान


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