मुंबई में विद्याविहार के नए ईस्ट-वेस्ट पुल के चालू होने से पहले ही उसके नाम को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। शिवसेना (यूबीटी) चाहती है कि पुल का नाम दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर के नाम पर रखा जाए, जबकि भाजपा विधायक पराग शाह ने इसे कैप्टन स्मित मच्छार के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया है।
शिवसेना (यूबीटी) ने पुल पर पद्मश्री नाना पाटेकर सेतु नाम का बैनर भी लगा दिया है और उसके प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े को इस मांग का पत्र सौंपा है। वहीं बीएमसी में सदन के नेता गणेश खनकर ने पार्टी पर श्रेय की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि नाना पाटेकर के सम्मान में किसी थिएटर या थिएटर परिसर का नामकरण ज्यादा उचित होगा।
बीएमसी के अनुसार करीब 650 मीटर लंबा दो लेन का यह पुल विद्याविहार पूर्व के रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग को घाटकोपर पश्चिम के लाल बहादुर शास्त्री मार्ग से जोड़ता है। इसका लगभग 100 मीटर हिस्सा रेल पटरियों के ऊपर बना है।
नाना पाटेकर का 8 अक्तूबर 2026 को गोवा में 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित पाटेकर को सूखा प्रभावित किसानों की मदद के लिए भी जाना जाता था। दूसरी ओर घाटकोपर निवासी पायलट स्मित मच्छार ने 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में सह-पायलट के हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलकर अपहरण की कोशिश नाकाम करने में अहम भूमिका निभाई थी।
स्रोत: लाइव हिन्दुस्तान


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