पंजाब सरकार पर अक्तूबर तक मांगें पूरी करने का वादा न निभाने का आरोप लगाते हुए किसान मजदूर मोर्चा ने सात दिसंबर 2026 को चंडीगढ़ में पक्का मोर्चा लगाने की घोषणा की है। मोर्चे ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते किसानों और मजदूरों की मांगों का निपटारा नहीं हुआ तो किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के काफिलों के साथ चंडीगढ़ कूच करेंगे।
मोर्चे का कहना है कि किसानों और मजदूरों से जुड़े कई अहम मुद्दे लंबे समय से लटके हुए हैं। उसकी प्रमुख मांगों में पांच फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी, स्वामीनाथन आयोग के फॉर्मूले के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य, किसानों और खेत मजदूरों का कर्ज माफ करना और संशोधित लैंड पूलिंग नीति को वापस लेना शामिल है।
मोर्चे ने बासमती, मूंग, मक्की, सरसों और आलू की मंडियों में सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है। किसान नेताओं का तर्क है कि मौजूदा सरकार 23 फसलों की खरीद की गारंटी का वादा करके सत्ता में आई थी, इसलिए उसे अपना वादा निभाना चाहिए ताकि किसानों को उपज बेचने में दिक्कत न हो और उचित दाम मिलें।
मोर्चे ने सरकार को साफ संदेश दिया है कि सात दिसंबर से पहले मांगों का समाधान हो, वरना किसान और मजदूर बड़ी संख्या में चंडीगढ़ पहुंचकर डेरा डालेंगे।
स्रोत: अमर उजाला


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