जमीयत उलमा ए राजस्थान ने सूरसागर में हुई घटना को चिंताजनक बताया

जोधपुर। जमीअत उलमा राजस्थान के प्रवक्ता मुफ्ती हबीबुल्लाह नोमानी ने प्रेस वार्ता कर सूरसागर में हुए उपद्रव पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि मारवाड़ एवं खास तौर से जोधपुर शहर भाईचारा और आपसी प्यार मोहब्बत के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है लेकिन कुछ वर्षों से घटिया राजनीति के कारण नफरत का माहौल बन रहा है जिससे जोधपुर भी अछूता नहीं रहा है और बात-बात पर लड़ाई झगड़ा शुरू किया जा रहा हैं। सूरसागर में कुछ दिनों पूर्व जो घटना घटी है वह हमारे सबके लिए कलंक है जमीयत के मौलाना अरशद मदनी ने पैगाम भिजवाया है कि चाहे जो नफरत फैलाए हमें मोहब्बत के फूल बरसाना है सूरसागर में जो लड़ाई हुई है वह 15 वर्ष पूर्व एक समझौता हुआ था जिसके तहत यह ईदगाह और चबूतरे पर कोई काम नहीं किया जाएगा लेकिन समझौते के खिलाफ एक पक्ष की तरफ से काम शुरू हुआ तो उधर ईदगाह का गेट भी बनाना शुरू कर दिया गया था। फिर भी शुक्रवार की रात को दोनों पक्षों की ओर से यह समझौता कर लिया गया था की ईदगाह का गेट बंद होगा और चबूतरा भी नहीं बनेगा इसके बाद दोनों पक्षों के लोग अपने घर चले गए थे और अचानक अज्ञात तरीके से पत्थर आने शुरू हो गए और लोग घर से निकल कर आए कि यह क्या हो रहा है समझौता होने के बाद भी ऐसा होना गलत है एवं सूचना मिलने पर पुलिस भी वहां पहुंच गई थी फिर भी पत्थर बाजी चलती रही। लेकिन प्रशासन ने एक तरफा कार्यवाही शुरू की जिसके विडियो सोशल मीडिया पर दिखाई दिए हैं नोमानी ने आरोप लगाया कि पुलिस का रवैया बहुत खराब रहा मर्दों और औरतों को घर में घुसकर मारा गया। बच्चों और बुजुर्ग को कभी नहीं बख्शा गया था एवं एक पक्ष पर मुकदमे ज्यादा किए गए दुकान को जलाया गया और मकान में जबरदस्त तोड़फोड़ की गई एवं वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। कई लोग जख्मी हुए एवं कइयों के हाथ पैर भी तोड़ दिए गए धर्म को आघात करने वाले शब्दों का प्रयोग किया गया। ऐसा प्रतीत होता है कि यह दंगा योजनाबद्ध तरीके से कराया गया था। इसलिए नोमानी ने कहा कि हम प्रशासन से पूरे तरीके से निष्पक्ष रूप से जांच की मांग करते है जिससे असली गुनहगार सलाखों के पीछे चले जाए और शहर में अमन और शांति का माहौल बना रहे।