रामगंज मंडी से लिए चार नमूने लिए एवं चार हजार किलो धनिया किया सीज

खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप अग्रवाल, चंद्रवीर सिंह जादौन, नितेश गौतम एवं सहायक चेतराम मीणा की टीम ने की कार्यवाही 

कोटा। प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देश के अनुसार पूरे प्रदेश में मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत कोटा में अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा और स्वास्थ्य शुभ्रा सिंह के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा आयुक्त इकबाल खान एवं अतिरिक्त आयुक्त पंकज ओझा व जिला कलेक्टर डॉक्टर रविंद्र गोस्वामी के निर्देशन में मिलावट खोरी रोकने के लिए विभिन्न खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा रहे हैं।

शिकायत के आधार पर दी दबिश

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जगदीश सोनी ने बताया कि गुरुवार को शिकायत के आधार पर जुल्मी रोड रामगंज मंडी स्थित श्री रामदेव ट्रेडर्स से साबुत धनिया का नमूना लेकर 60 कट्टे (प्रत्येक कट्टे में 40 किलो) मिलावट की आशंका को देखते हुए सभी कट्टो को सीज किया गया। दैनिक महका संसार वहीं वैभव एंटरप्राइजेज से साबुत धनिया का नमूना लेकर 40 कट्टे प्रत्येक कट्टे में 40 किलो मिलावट की आशंका पर सीज किया गया कुल 4000 किलो धनिया खाद्य सुरक्षा दल की टीम ने सीज किया है। विभाग को सूचना प्राप्त हुई थी कि रामगंज मंडी में कचरा सहित धनिया की बिक्री की जाती है इस आधार पर कार्यवाही की गई।

डेयरी से पनीर और मावे के लिए सैंपल

रामगंज मंडी स्थित महावीर डेयरी का भी निरीक्षण किया गया जिससे दो नमूने मावे के लिए गए एवं पनीर का भी नमूना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लिए गए हैं।

विभाग के अभियान का दिखाई दिया असर

कोटा में पिछले दिनों कई नमकीन की दुकानों से तेल की जांच की गई थी इसी के चलते अब कोटा में कचोरी एवं नमकीन विक्रेताओ में जागरूकता फैली है। महका संसार अभियान को निरंतर रखते हुए गुरुवार को रामगंज मंडी स्थित चार कचौड़ी विक्रेताओं के यहां टीपीसी मीटर द्वारा तेल की जांच की गई सभी स्थानों पर कचोरी तलने का तेल टीपीसी मीटर में मानक स्तर का पाया गया। इससे यह साबित होता है कि विभाग की कार्यवाहीया और सरकार का मकसद कामयाबी की ओर बढ़ रहा है जिससे जनता में जागरूकता फैली है और मिलावटखोर अब काम छोड़कर जाने लगे हैं। लिए गए नमूनों को खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला कोटा में भेजा जाएगा जांच रिपोर्ट आने के बाद नियम अनुसार कानूनी कार्यवाही की जाएगी।