नकली डेयरी बेस्ट घी बेचने वाले व्यापारी पर न्यायालय ने लगाया चार लाख का जुर्माना

जोधपुर की कामधेनु मार्केटिंग पर लगाया जुर्माना, नकली घी बेचने वालों पर कसता जा रहा है विभाग का शिकंजा, कई केस में जुर्माना और कहीं सजा भी हो रही है

जोधपुर। दिसंबर 2022 में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रजनीश शर्मा और विजय कंवर को सूचना मिली कि भगत की कोठी स्थित मेसर्स कामधेनु मार्केटिंग पर डेयरी बेस्ट कंपनी का नकली घी बिक रहा है इसी की जांच करने के लिए टीम ने फर्म का निरीक्षण किया। नकली घी की जांच करने के लिए टीम द्वारा डेयरी बेस्ट घी के एक एक किलो के चार पैकेट खरीदे और बाकी के माल को सीज कर दिया गया था।

उक्त घी की जांच रिपोर्ट आने पर पता चला कि ये घी निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं था जिस कारण से घी असुरक्षित यानि अनसेफ पाया गया था। फर्म के मालिक मानवीर गौड़ ने इसको चैलेंज करते हुए पुणे की लेबोरेटरी में रेफरल किया और वहां से पुनः जांच करवाई। पुणे की जांच रिपोर्ट के अनुसार उक्त देसी घी डेरी बेस्ट अमानक स्तर यानी सब स्टैंडर्ड पाया गया था। इसी प्रकरण की सुनवाई करते हुए न्याय निर्णयन अधिकारी ने अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत फर्म मालिक दोषी पाया गया न्यायालय ने यह अंकित किया कि पत्रावली पर स्पष्ट तथ्य नहीं है कि अप्रार्थी ने कितना हुआ कब से अनुचित लाभ कमाया है एवं प्रार्थी प्रथम बार दोषी पाया गया है इसी के मध्य नजर न्याय हित में किसी प्रकार की जेल की सजा नहीं दी गई है एवं सिर्फ जुर्माना लगाया गया है एवं न्यायालय ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी पुनरावृति नहीं हो जिससे लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचे और अप्रार्थी द्वारा किए गए कार्य एवं कृत्य की गंभीरता तथा इसके आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए प्रकरण में अधिकतम जुर्माना लगाया गया है एवं न्यायालय ने मानवीर गौड़ पर चार लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

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