सलूंबर । राजस्थान में भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए आमजन को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए राज्यव्यापी “शुद्ध आहार मिलावट पर वार” अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण जयपुर और जिला कलेक्टर के निर्देशन में सोमवार को सलूंबर शहर में विशेष निरीक्षण किया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी के नेतृत्व में टीम ने दूदर रोड स्थित दो प्रमुख आइसक्रीम निर्माता फर्मों— लक्ष्मी आइसक्रीम (लॉयल्टी ब्रांड) और मोना फूड प्रोडक्ट (हेवमोर ब्रांड) की जांच की।
खाद्य विभाग की टीम ने दोनों फर्मों से कुल चार नमूने लिए हैं, जिनमें लॉयल्टी ब्रांड की आइसक्रीम, सागर ब्रांड का स्किम्ड मिल्क पाउडर और हेवमोर ब्रांड की आइसक्रीम व कुल्फी शामिल है। इन नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार ने बताया कि गर्मी में पेय पदार्थों और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने सभी व्यापारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे खाद्य लाइसेंस बनवाएं और स्वच्छता के मानकों का पूरा पालन करें। इस कार्यवाही के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी के साथ प्रशिक्षु अधिकारी राकेश पुष्करणा, निशा मीना और सहायक शूरवीर सिंह मौजूद रहे।
