नरेंद्र सिंह (सिरोही)
सिरोही। जिले से बाहर पालनपुर सहित अन्य शहरों में रेफर किए जाने वाले मरीजों को लेकर एक गंभीर मुद्दा सामने आया है। आरोप हैं कि कुछ एम्ब्युलेंस चालक कमीशन के लालच में मरीजों को उनकी मर्जी या पर्याप्त जानकारी के बिना चुनिंदा निजी अस्पतालों में ले जाते हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ने के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मरीजों के परिजन अक्सर आपातकालीन परिस्थितियों में एम्ब्युलेंस चालक की सलाह पर भरोसा कर लेते हैं। ऐसे में यदि किसी प्रकार का कमीशन आधारित रेफरल नेटवर्क सक्रिय है तो यह मरीजों के हितों के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाएगा।
चिंता की बात यह है कि इस प्रकार की शिकायतों के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है। लोगों का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए ताकि मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनी रहे।
आम जनता ध्यान दे
एम्ब्युलेंस चालक के कहने मात्र पर किसी अस्पताल में भर्ती होने का निर्णय न लें।
अस्पताल की सुविधाओं, उपचार व्यवस्था और खर्च की जानकारी पहले प्राप्त करें।
अपने विश्वसनीय चिकित्सक या परिवारजनों से सलाह अवश्य लें।
एम्ब्युलेंस चालक, वाहन नंबर और मोबाइल नंबर नोट कर सुरक्षित रखें।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्रशासन और पुलिस को दें।
सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मरीजों को रेफर करने की प्रक्रिया की निगरानी की जाए तथा किसी भी प्रकार की कमीशनखोरी या अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाए।
जागरूकता और सतर्कता ही मरीजों एवं उनके परिजनों को अनावश्यक शोषण से बचा सकती है।