मिलावटी देशी घी बनाने वालों का भंडाफोड़, 240 किलो मिलावटी घी बरामद

आगरा में पुलिस और एफएसडीए ने मिलावटी देसी घी बनाने वाले दो ठिकानों का भंडाफोड़ किया है। मधुसूदन और पारस ब्रांड के नाम पर 240 किलोग्राम नकली घी जब्त किया गया और दो आरोपियों को पकड़ा गया।

आगरा। अगर आप देसी घी खरीद रहे हैं तो एक बार उसे अच्छी तरीके से चेक कर लीजिए। इसके बाद ही घी की खरीद करें। पुलिस, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने टेढ़ी बगिया और नुनिहाई में मिलावटी देसी घी बनाने का भंडाफोड़ किया है।

मधुसूदन और पारस ब्रांड के घी की आड़ में जिलेभर के दर्जनभर से अधिक दुकानों में आन डिमांड मिलावटी घी की आपूर्ति होती थी। ब्रांडेड कंपनी के प्रतिनिधि की शिकायत पर संचालक वीरेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ कापीराइट एक्ट के उल्लंघन पर मुकदमा दर्ज हुआ है। दोनों जगहों से पर्याप्त मात्रा में रिफाइंड सोयाबीन आयल सहित अन्य बरामद किया है। एफएसडीए टीम ने आधा दर्जन नमूने लिए हैं।

दोनों ब्रांड का 240 किग्रा मिलावटी घी बरामद किया गया। शहर में बड़े पैमाने पर मधुसूदन और पारस ब्रांड के घी की बिक्री होती है। यह घी सीएस फूड लिमिटेड और वीआरएस फूड लिमिटेड का है। दुकानदारों द्वारा अलग तरीके से घी की आपूर्ति की शिकायतें की गईं। जिस पर दोनों कंपनी के प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार ने नजर रखनी शुरू कर दी। रात नौ बजे पुलिस, एफएसडीए और कंपनी की टीम ने टेढ़ी बगिया स्थित गोदाम में छापा मारा। गोदाम के बाहर गोकुल नगर एत्माद्दौला निवासी वीरेंद्र कुमार को पकड़ लिया गया। वीरेंद्र 10 साल से घी के कारोबार से जुड़ा है। टीम ने जांच की तो गोदाम में चार-चार टिन मधुसूदन और पारस ब्रांड (एक टिन 15 किग्रा) का मिलावटी घी मिला। ऑन डिमांड घी की आपूर्ति की जाती थी।

इसकी आपूर्ति शहर और देहात के दर्जनभर दुकानदारों के यहां होती थी। एक टिन घी को पांच हजार रुपये प्रति किग्रा में भेजा जाता था। हर सप्ताह सात से नौ टिन घी तैयार किया जाता था। वीरेंद्र ने अपने साथी अनिल अग्रवाल के बारे में जताया। गुरुवार रात 11 बजे पुलिस, एफएसडीए टीम ने नुनिहाई स्थित अनिल के आवास पर छापा मारा। प्रथम तल के एक कमरे में मिलावटी घी बनाने की फैक्ट्री चल रही थी।

टीम ने दोनों ब्रांड के चार-चार टिन मिलावटी घी, 22 किग्रा वनस्पति, 180 किग्रा रिफाइंड सोयाबीन आयल, एसेंस की एक खाली बोतल सहित अन्य उपकरण बरामद किए। वीरेंद्र की तरह अनिल के पास भी खाद्य लाइसेंस नहीं मिला। पूछताछ में अनिल अग्रवाल ने बताया कि आन डिमांड दोनों ब्रांड के घी की आपूर्ति करता था। एक टिन पांच हजार से 5500 रुपये में बेचता था।

हर सप्ताह आठ से 10 टिन घी की बिक्री हो जाती थी। मिलावटी घी की आपूर्ति जिलेभर में की जाती थी। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश कुमार, आरएस परमार शामिल रहे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि टेढ़ी बगिया और नुनिहाई क्षेत्र से 240 किग्रा मिलावटी घी जब्त किया गया है। दोनों जगहों से छह नमूने लिए गए हैं। जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कबाड़ियों से खरीदते थे खाली डिब्बे

वीरेंद्र और अनिल कबाड़ियों से मधुसूदन और पारस ब्रांड के खाली टिन खरीदते थे। जैसे ही कबाड़ियों के पास दोनों ब्रांड के टिन आते थे। वह फोन कर दोनों को बता देते थे। एफएसडीए और पुलिस टीम कबाड़ियों का पता लगा रही है।