48 में से 11 नमूने फेल, कारोबारियों पर 9 लाख का जुर्माना

खैरथल-तिजारा। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के दौरान लिए गए 48 नमूनों में से 11 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। वहीं, पुराने मामलों में सुनवाई के बाद खाद्य कारोबारियों पर कुल 9.30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

48 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे थे

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग, खैरथल-तिजारा ने जनवरी से मई 2024 के बीच जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों से 48 खाद्य नमूने एकत्र कर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे थे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट ने बताया- जांच रिपोर्ट में 11 नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अनुरूप नहीं पाए गए। इनमें कुछ नमूने असुरक्षित और कुछ अवमानक श्रेणी के थे।

जांच में भिवाड़ी स्थित हरियाणा पनीर डेयरी, मोरईन स्वीट्स (मेवात), देव बेकरी और टपूकड़ा के आरजे-40 रेस्टोरेंट के पनीर के नमूने असुरक्षित पाए गए। इसके आलावा, आरजे-40 रेस्टोरेंट का दही, डी-मार्ट भिवाड़ी की हींग और खैरथल के जोधपुर मिष्ठान भंडार की मावा मिठाई अवमानक श्रेणी में मिली। कुछ अन्य नमूने भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे।

कारोबारियों पर 9.30 लाख का जुर्माना लगाया

खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव ने बताया- पुराने प्रकरणों में एडीएम कोर्ट ने सुनवाई के बाद विभिन्न खाद्य कारोबारियों पर कुल 9.30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। इनमें खैरथल के स्टार रेस्टोरेंट, तिजारा के यशी मावा भंडार, खैरथल के नारायण दास श्याम दास और तिजारा के विवेक सैनी पर एक-एक लाख रुपए की पेनल्टी शामिल है।

विभाग ने बताया- जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण, सैंपलिंग और प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी। खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। आमजन से भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता संबंधी शिकायतें विभाग को उपलब्ध कराने की अपील की गई है, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।