अजमेर में बिना लाइसेंस चल रही सोहन पपड़ी फैक्ट्री पर छापा, 2 हजार किलो माल सीज

अजमेर। शहर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध लाइसेंस संचालित सोहन पपड़ी निर्माण इकाई पर छापा मारा। सोमलपुर ब्यावर रोड स्थित मैसर्स मुस्कान सोहन पपड़ी फैक्ट्री में करीब 2000 किलो सोहन पपड़ी को मौके पर ही सीज किया गया।

यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, राजस्थान जयपुर तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अजमेर डॉ. ज्योत्सना रंगॉ के निर्देशों के पालन में की गई।

छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। सोहन पपड़ी का निर्माण बेहद गंदे और अस्वच्छ वातावरण में किया जा रहा था, जहां चारों ओर मक्खियां भिनभिना रही थीं। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि मिठाई में अधिक मात्रा में कृत्रिम खाद्य रंगों का उपयोग किया जा रहा था।

टीम ने खुलासा किया कि पिस्ता कटिंग के नाम पर मूंगफली में हरा रंग मिलाकर इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। खाद्य कारोबारी शाहबाज पुत्र यासीन ने बताया कि सोहन पपड़ी को रिफाइंड पामोलिन तेल और वनस्पति मिलाकर तैयार किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि संचालक के पास केवल होलसेल कैटेगरी का लाइसेंस था, जबकि मौके पर निर्माण कार्य किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है। नियमानुसार निर्माण इकाई के लिए अलग से खाद्य अनुज्ञा पत्र आवश्यक होता है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तथा नियम 2011 के तहत दो नमूने जांच के लिए लिए और शेष लगभग 2000 किलो सोहन पपड़ी को सीज कर दिया। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संचालक को अगले आदेश तक निर्माण कार्य बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इस कार्यवाही में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आनंद कुमार, दीपक कुमार, केसरी नंदन शर्मा, राजेंद्र शर्मा तथा सहायक के रूप में राजकुमार इंदौरिया शामिल रहे।