अशोक सिंघल जन्मशताब्दी वर्ष में विहिप करेगा वर्षभर विशेष कार्यक्रम

दैनिक महका संसार/इम्तियाज अहमद

10 लाख से अधिक हितचिंतक बनाने का लक्ष्य, नवराात्रि में गरबा आयोजनों को लेकर भी अपील

जोधपुर। श्रद्धेय अशोक सिंघल के जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विश्व हिंदू परिषद, जोधपुर प्रांत द्वारा वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में पदाधिकारियों ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रांत मंत्री परसराम जोशी ने बताया कि 27 सितंबर से अशोक सिंघल का जन्मशताब्दी वर्ष प्रारंभ हो चुका है। इस अवसर पर वर्षभर उनके प्रेरणादायी जीवन, राष्ट्र एवं समाज के प्रति योगदान को स्मरण करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत प्रांत के 25 संगठनात्मक जिलों में शारदीय नवरात्रि के दौरान महिला सशक्तिकरण को लेकर दुर्गावाहिनी एवं मातृशक्ति के कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके साथ ही प्रदेशभर में 100 चयनित स्थानों पर बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें सामाजिक समरसता, सेवा, स्वदेशी जागरण, गो-रक्षा, सांस्कृतिक जनजागरण एवं संगठन विस्तार जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।

10 लाख हितचिंतक बनाने का लक्ष्य

प्रांत अध्यक्ष डॉ. रामगोपाल ने बताया कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अशोक सिंघल जी के जीवन संदेश को जन-जन तक पहुंचाना और समाज में सेवा, संस्कार एवं समरसता के कार्यों को गति देना है। इसके तहत 22 नवंबर से 6 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाकर 10 लाख से अधिक हितचिंतक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

नवरात्रि में गरबा आयोजनों को लेकर विहिप का आग्रह

डॉ. रामगोपाल ने कहा कि नवरात्रि के दौरान आयोजित गरबा कार्यक्रमों में हिंदू समाज के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आग्रह किया कि गरबा पंडालों में नृत्य, संगीत एवं अन्य गतिविधियों में भाग लेने वाले लोग हिंदू समाज से हों तथा कार्यक्रमों में सांस्कृतिक मूल्यों का ध्यान रखा जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि नवरात्रि एवं दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों पर आर्थिक एवं सांस्कृतिक सहयोग उन लोगों को दिया जाना चाहिए, जो इन पर्वों को आस्था एवं परंपरा के साथ मनाते हैं।

प्रांत उपाध्यक्ष मानराम बिझाई ने बताया कि जन्मशताब्दी वर्ष के माध्यम से सेवा, समरसता, स्वदेशी एवं हिंदू सशक्तिकरण जैसे कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है और वर्षभर समाज के बीच विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।