बिहार सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए राज्यभर में चार्जिंग ढांचा मजबूत करने में जुटी है। परिवहन विभाग की योजना के तहत ई-बसों के साथ-साथ निजी दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए भी फास्ट चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं।
विभाग के अनुसार पूर्णिया में बस चार्जिंग स्टेशन बनकर तैयार है, जबकि पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और गया जी में काम चल रहा है। हर बस डिपो में 50 बसों की क्षमता के हिसाब से आठ चार्जिंग प्वाइंट लगाए जा रहे हैं, जिससे एक बस करीब एक से डेढ़ घंटे में चार्ज हो सकेगी। पटना के फुलवारीशरीफ, राजगीर और मुजफ्फरपुर डिपो में यह सुविधा पहले से चल रही है।
निजी वाहनों के लिए पटना के 10 बड़े सरकारी परिसरों में फास्ट डीसी चार्जर लगाए जा रहे हैं। इनमें मुख्य सचिवालय, विधानसभा, समाहरणालय, विश्वेश्वरैया भवन, विकास भवन, सिंचाई भवन, कंकड़बाग का मल्टी मॉडल हब, बेउर मोड़ और हार्डिंग रोड शामिल हैं। ये स्टेशन परिवहन विभाग और इंडियन ऑयल के बीच हुए समझौते के तहत बन रहे हैं और यहां इलेक्ट्रिक कार 45 से 60 मिनट में चार्ज हो सकेगी। आम लोग भी इनका इस्तेमाल कर सकेंगे।
बिहार ईवी नीति 2026 में निजी निवेश को भी बढ़ावा दिया गया है। सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन लगाने पर मशीनरी व उपकरण की लागत का 25 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा। होटल, अस्पताल, मॉल, आवासीय सोसाइटी, पेट्रोल पंप, ढाबे, बस स्टैंड और पार्किंग स्थलों पर ऐसे स्टेशन लगाए जा सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला


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