बिलासपुर जिले में अवैध रेत खनन के एक मामले में खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम के विशेष न्यायाधीश ने जेसीबी ऑपरेटर अनिल कुमार गौलिया को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला 17 जून 2025 का है, जब नगोई घाट पर अरपा नदी से जेसीबी मशीन के जरिये अवैध रूप से रेत निकाली जा रही थी। करगीरोड कोटा के डाक बंगला क्षेत्र में रहने वाले ऑपरेटर गौलिया के खिलाफ तब मामला दर्ज हुआ था। सुनवाई में आरोप सिद्ध होने पर अदालत ने सजा सुनाई।
फैसले में अदालत ने महात्मा गांधी के उस विचार का उल्लेख किया कि धरती हर व्यक्ति की जरूरत तो पूरी कर सकती है, पर उसके लालच को नहीं। विशेष न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे मामलों में नरमी बरतने से समाज में गलत संदेश जाएगा। अवैध उत्खनन के एक अन्य मामले में भी अदालत ने दो लोगों को तीन-तीन साल की सजा दी है, जो कोटा थाना क्षेत्र के लारीपारा रेत घाट से जुड़ा था।
इधर कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ विशेष अभियान चल रहा है। खनिज विभाग ने 12 से 15 अक्तूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर 10 वाहन जब्त किए हैं। खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में अब तक 66 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई है और संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला


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