झज्जर जिले के बेरी कस्बे में उत्तर भारत का सबसे बड़ा माना जाने वाला पशु मेला शुरू हो गया है। राजस्थान के पुष्कर मेले के बाद इसे क्षेत्र का सबसे अहम पशु मेला माना जाता है। मेले में हजारों पशुओं की खरीद-फरोख्त होती है और अच्छी नस्ल के घोड़े-घोड़ियां भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन के लिए लाए गए हैं।
मेले में हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब से व्यापारी पहुंचते हैं। यहां पशुओं की कीमत हजारों से शुरू होकर लाखों रुपये तक जाती है। कुछ उम्दा नस्ल के घोड़ों के दाम महंगी लग्जरी कारों के बराबर बताए जाते हैं, जिन्हें उनके मालिक विशेष वाहनों में लेकर आते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार बेरी का पशु मेला ब्रिटिश शासन के समय से लगता आ रहा है। उस दौर में भिवानी और बेरी में मंडियां स्थापित की गई थीं। बताया जाता है कि 1876 में बेरी नगरपालिका के गठन के बाद लंबे समय तक मेले से होने वाली आय से ही पालिका कर्मचारियों का वेतन दिया जाता था।
मेले में भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पशु व्यापारियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उनसे कहा गया है कि किसी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की कोई चीज न लें, क्योंकि ठग नशीला पदार्थ मिलाकर लूटपाट कर सकते हैं। बेरी थाना प्रभारी योगेश कुमार ने लोगों से संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की है।
स्रोत: अमर उजाला


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