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बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहली बार इसरो और सेनाओं की प्रदर्शनी

कुरुक्षेत्र में 5 से 25 दिसंबर तक होगा महोत्सव; दिल्ली और पश्चिम बंगाल पार्टनर राज्य, 14 से 20 दिसंबर मुख्य आयोजन

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहली बार इसरो और सेनाओं की प्रदर्शनी
कुरुक्षेत्र में दीयों की रोशनी के बीच गीता उपदेश रथ की प्रतिमा (फोटो: अमर उजाला)

कुरुक्षेत्र में इस बार होने वाला अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कई मायनों में अलग होगा। 5 से 25 दिसंबर तक चलने वाले इस आयोजन में पर्यटक गीता संदेश के साथ अंतरिक्ष विज्ञान और देश की सैन्य ताकत से भी परिचित हो सकेंगे। पहली बार भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और सेनाओं की ओर से विशेष प्रदर्शनी लगाने की तैयारी है।

प्रदेश सरकार ने इसरो और तीनों सेनाओं को भागीदारी के लिए पत्र भेजा था, जिस पर इसरो, वायुसेना और नौसेना की सहमति मिल चुकी है। इसरो की प्रदर्शनी में मॉडल और आधुनिक तकनीक के जरिए ग्रहों, अब तक के सफल अंतरिक्ष अभियानों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। वायुसेना और नौसेना की प्रदर्शनी में ऑपरेशन सिंदूर और एयर स्ट्राइक जैसे अभियानों की झलक दिखाई जाएगी। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) भी पहली बार महोत्सव में हिस्सा लेगी।

इस बार दिल्ली और पश्चिम बंगाल को पार्टनर राज्य बनाया गया है, जबकि पार्टनर देश जल्द तय होने की बात कही जा रही है। मुख्य आयोजन के दौरान गीता पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, संत सम्मेलन और शिल्प व सरस मेला भी होगा, जिसमें देश-विदेश के कलाकार भाग लेंगे।

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने बताया कि 14 से 20 दिसंबर तक आठ दिन मुख्य कार्यक्रम होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तैयारियों को लेकर दो बार बैठक कर चुके हैं और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए 285 सामाजिक संस्थाओं के साथ मंथन भी किया गया है।

स्रोत: अमर उजाला

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