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बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
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दिल्ली में SIR विरोध: CJP आंदोलन, विपक्ष की भूमिका और पुलिस सख्ती पर सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन; राजधानी में करीब 30 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात रहे

दिल्ली में SIR विरोध: CJP आंदोलन, विपक्ष की भूमिका और पुलिस सख्ती पर सवाल
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहन में ले जाए जा रहे प्रदर्शनकारी (फोटो: बीबीसी हिंदी)

बीता सप्ताह राजधानी दिल्ली के लिए राजनीतिक उथल-पुथल वाला रहा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच शहर में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई। कई स्तरों में करीब 30 हजार पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए।

इन प्रदर्शनों के केंद्र में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) रही, जिसके साथ विपक्षी दल भी खड़े दिखे। उनका आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का लाभ भाजपा और उसके सहयोगियों को मिल रहा है। आंदोलन को आकार देने में सीजेपी, कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन और वामपंथी छात्र संगठनों की भूमिका प्रमुख मानी जा रही है।

वीडियो और तस्वीरों में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को घसीटकर बसों में ले जाते दिखाई दिए। बीबीसी की एक चर्चा में पत्रकारों ने कहा कि इस बार पुलिस की तैयारी पिछले जंतर-मंतर आंदोलन से कहीं ज्यादा व्यापक थी और उसका मकसद प्रदर्शनकारियों को कहीं जमने न देना था। सादे कपड़ों में बिना बैज के तैनात पुलिसकर्मियों को लेकर भी सवाल उठे।

चर्चा में यह भी कहा गया कि सरकार पर तानाशाही रवैये के आरोप अपने आप में मुद्दा बन गए हैं और इसके साथ बेरोजगारी, महंगाई और महिला सुरक्षा जैसे सवाल भी जुड़ रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इन प्रदर्शनों से एसआईआर प्रक्रिया पर कोई पुनर्विचार होगा या यह टकराव आगे भी जारी रहेगा।

स्रोत: बीबीसी हिंदी

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राजनीति डेस्क · संपादकीय डेस्क

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