कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में ‘उंगली तो उठेगी हल्लाबोल मार्च’ निकाला। राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ता संगठन मुख्यालय से जंतर-मंतर की ओर बढ़े।
मार्च के पूरे रास्ते पर भारी पुलिस बल तैनात था और कड़ी बैरिकेडिंग की गई थी। कार्यकर्ताओं को जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया और पुलिस ने जाखड़ समेत कई छात्रों को हिरासत में ले लिया। संगठन ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया।
जाखड़ ने कहा कि उठी हुई उंगली हर मतदाता की ताकत और चुनाव प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालने वालों से सवाल पूछने के लोकतांत्रिक अधिकार का प्रतीक है। उन्होंने मांग की कि संगठन को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी जाए। राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि पांडेय ने हिरासत को छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बताया।
एनएसयूआई का आरोप है कि चुनाव आयोग का राजनीतिकरण हो रहा है। संगठन ने साफ किया है कि जब तक चुनावी निष्पक्षता और जवाबदेही से जुड़े उसके सवालों का जवाब नहीं मिलता, यह अभियान जारी रहेगा। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब विपक्षी दल और कई संगठन एसआईआर प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
स्रोत: टीवी9 भारतवर्ष


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