पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल खान जिले में करीब 200 साल पुराने रामलीला मंदिर को ढहाने की कोशिश का मामला सामने आया है। हिंदू समुदाय और नागरिक समाज के विरोध के बाद स्थानीय प्रशासन ने शनिवार को मंदिर को अपने कब्जे में ले लिया, जिसके बाद इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) ने उसे सील कर दिया।
शहर के रहीम बाजार में स्थित इस मंदिर में इसी सप्ताह तोड़फोड़ शुरू की गई थी। स्थानीय व्यापारी संघ के अध्यक्ष सोहेल अहमद आजमी के अनुसार, सूचना मिलते ही वे अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने दावा किया कि उसे ढांचा गिराने का ठेका मिला है।
विरोध करने वालों ने अधिकारियों से मिलकर संपत्ति के स्वामित्व और प्रस्तावित व्यावसायिक निर्माण की वैधता की जांच की मांग की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से यह मुद्दा संसद में उठाने का भी आग्रह किया। यह मंदिर उन लगभग 400 ढांचों में शामिल है, जिन्हें ईटीपीबी ने सांस्कृतिक धरोहर के रूप में चिह्नित किया है।
ईटीपीबी बंटवारे के बाद छोड़ी गई संपत्तियों और अल्पसंख्यक धार्मिक स्थलों की देखरेख करता है। ऑल पाकिस्तान हिंदू राइट्स मूवमेंट के अध्यक्ष हारून सरब दयाल ने उम्मीद जताई है कि प्रांत में 11 अक्टूबर से लागू राज्यपाल शासन के दौरान हिंदू धार्मिक स्थलों को विशेष सुरक्षा मिलेगी।
स्रोत: न्यूज18 हिंदी


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