सरस के नाम पर बेच रहे थे जहर,एस के सरस गोल्ड घी का सैंपल फेल, आमजन के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक

कोटा/जोधपुर। गत माह में कोटा में सरस की कॉपी का एस के सरस गोल्ड घी रामपुर आर्य समाज रोड स्थित माधव डिपो से 3480 किलो घी सीज किया था। जिसमे मुखबिर की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी संदीप अग्रवाल, चंद्रवीर सिंह जादौन व नितेश गोतम की टीम ने रामपुर आर्य समाज रोड स्थित माधव डिपो पर पहुंची। वहा से एक किलो पैकिंग के 121 कार्टून (प्रत्येक कार्टून में 15 किलो), आधा किलो घी पैकिंग के 70 कार्टून (प्रत्येक कार्टून में 15 किलो) व 15 किलो पैकिंग के 41 टीन एस के सरस गोल्ड घी आमजन को बेचने के लिए 3480 किलो घी पाया गया था। मिलावट की आशंका में एस के सरस गोल्ड घी को सीज किया था। नमूने लेकर खाद्य प्रयोगशाला में भिजवाए गए थे। खाद्य प्रयोगशाला में एस के सरस गोल्ड ब्रांड के नमूने फेल (अनसेफ) हो गए।

पड़ताल में जोधपुर की फर्म एस के ऑयल से आया था माल

विभागीय अधिकारियों ने कोटा माधव डिपो से एस के सरस गोल्ड का 3480 किलो घी सीज किए बिलो की पड़ताल की तो यह माल जोधपुर माता का थान स्थित एस के ऑयल से खरीदना पाया गया था।

सरस के नाम का उपयोग कर बेचा जा रहा था जहर

सरस के नाम का उपयोग कर अपने ब्रांड चलाकर आमजन के स्वास्थ्य में जहर घोलने का शर्मनाक कृत्य कर रहे है। आमजन को भ्रमित करने के लिए ब्रांड रजिस्टट्रेड करते समय ब्रांड के सभी अक्षरो को एक ही साइज में रखा जाता है। बाद में रजिस्टट्रेड होने के बाद आगे पीछे नाम को छोटा कर सरस को बड़ा कर बाजार में बेचने को उतार दिया जाता है।

आमजन सरस नाम को देखकर होता है भ्रमित

आमजन सरकारी मशीनरी का सरस ब्रांड घी समझकर सरस के मिलते जुलते नाम वाले ब्रांडो की खरीद कर लेता है। आगे पीछे नाम को को बहुत छोटा कर सरस के नाम को बड़ा कर यह ब्रांड मालिक आसानी से ग्राहको को बेच कर घटिया स्तर का घी आमजन को थमा देते है।

हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने सरस नाम के मिलते जुलते घी ब्रांडो पर लगाम कसी है। 

खाद्य प्रयोगशाला में एस के सरस गोल्ड घी को अमानक (अनसैफ) बताया

कोटा स्वास्थ्य विभाग की सजगता से आमजन में स्वास्थ्य में सीधा जहर एस के सरस गोल्ड घी पहुंचने से पहले समय रहते इस ब्रांड को सीज कर लिया गया अन्यथा यह ब्रांड आमजन के स्वास्थ्य में गहरा असर डाल देता। जिससे कैंसर, किड़नी की समस्या व अन्य प्राणघातक बिमारिया उनके शरीर में प्रवेश कर जाती। अन सैफ पाए जाने के बाद संबंधित फर्म को नोटिस जारी कर दिया गया है। कोटा की स्वास्थ्य विभाग कार्यवाही की सूचना पाकर जोधपुर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। कोटा में रामपुर आर्य समाज रोड स्थित माधव डिपो से एस के सरस गोल्ड घी 3480 किलो घी की सीज करने सूचना पाकर जोधपुर स्वास्थ्य विभाग की टीम माता का थान स्थित एस के ऑयल पहुंची। क्यों कि कोटा में सीज माल का बिल में जोधपुर एस के ऑयल से खरीदना पाया गया था। उसी के तहत टीम कार्रवाई करने के लिए पहुंची। वहा एसके सरस गोल्ड ब्रांड के छोटी पैकिंग का घी मिल गया। स्वास्थ्य विभाग ने कोटा की कार्यवाही में सीज एस के सरस गोल्ड ब्रांड घी एस के ऑयल जोधपुर के बिल से भेजने की पुष्टि करने के लिए उक्त एस के ऑयल पहुंची वहा रखे छोटे पैकिंग मिल गए उसकी पुष्टि भी हो गई और इस ब्रांड के सेंपल भी लिए। वहा रखे हुए रिफाइंड ग्राउंडनट ऑयल सोना के चार टीन और बिना लेबल के 46 टीन रिफांइड सनफ्लावर ऑयल को मिलावट की आशंका पर 600 लीटर तेल जप्त किया गया था।

जांच अधिकारी ने दी इस घी पर बिक्री पर प्रतिबंध की दी सलाह

पदाभिहित अधिकारी सह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कोटा के “घी” के कोड संख्या एवं क्रम संख्या टी-3977 के नमूने में दूध की वसा के स्थान पर विदेशी वसा पाई गई है, इसलिए इसे असुरक्षित घोषित किया गया है। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम-2006 की धारा 3 (1) (zz) (iv) और (vi) के तहत खाद्य पदार्थ, और खाद्य सुरक्षा और मानकों के विनियमन संख्या 2.3.7 (2) का उल्लंघन किया गया है (बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक है) विदेशी वसा की उपस्थिति के कारण ये नुकसानदायक है।