जुलाई से खाद्य सामग्री की जांच रिपोर्ट मिलेगी हाथो हाथ, अब फूड सेफ्टी वाहन से रुकेगी मिलावट

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मंडी। बाजार में मिलने वाली खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता का अब 15 से 20 मिनट के भीतर ही पता चल जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस चलती-फिरती लैब अब बाजारों में जाकर खाद्य वस्तुओं के सैंपल लेगी और उसकी जांच करेगी। जिला मंडी में जुलाई से फूड सेफ्टी वाहन सड़क पर दौड़ने शुरू हो जाएंगे। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग फूड सेफ्टी वाहन में तैनात होने वाले स्टाफ को प्रशिक्षण दिलाएगा।

वाहन में एक फूड एनालिस्ट, ड्राइवर और एक अन्य कर्मचारी मौजूद रहेगा। आधुनिक उपकरणों से लैस वाहन केंद्र सरकार ने मार्च में प्रदेश को उपलब्ध करवा दिए हैं। आचार संहिता के चलते इन वाहनों में नंबर प्लेट का काम अटका हुआ था। अब नंबर प्लेट की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग स्टाफ को प्रशिक्षण दिलाने की तैयारी कर रहा है।

जुलाई से वाहन दुकानों, ढाबों समेत अन्य जगह पहुंचकर खाद्य पदार्थों की जांच करेगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट अथवा उनकी गुणवत्ता खराब होने पर विभाग मौके पर ही संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई भी करेगा। फिलहाल अभी खाद्य पदार्थों के सैंपल भरने के बाद उसके आगे जांच के लिए भेजा जाता है और 14 दिन बाद रिपोर्ट मिलती है।

इसके अलावा उपभोक्ताओं की शिकायत पर भी विभाग तुरंत खाद्य पदार्थों को लेकर कार्रवाई कर सकेगा। ये खबर आप दैनिक महका संसार पर पढ़ रहे हैं। फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स के माध्यम से विभाग उपभोक्ताओं को भविष्य में मिलावट को लेकर भी जागरूक करेगा।

फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स में नंबर प्लेट लग चुकी है। इस लैब को चलाने के लिए स्टाफ को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके लिए पूरे जिलों के स्टाफ को एक ही स्थान पर ट्रेनिंग देने का शेड्यूल तय किया जा रहा है। जुलाई से वाहन चलने की उम्मीद है।

-एलडी ठाकुर, सहायक आयुक्त, जिला खाद्य सुरक्षा विभाग, मंडी