प्रतिभा सम्मान समारोह एवं विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन, शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी-डा.सांखला

जोधपुर। नवीन आदर्श विद्यामन्दिर माध्यमिक रामचौक, जोधपुर में कक्षा दशमी, अष्टमी व पंचमी बोर्ड परीक्षा परिणाम पुरस्कार वितरण समारोह में प्रतिभाशाली कक्षा दशमी के सत्रह, अष्टमी के पन्द्रह और पंचमी के दो बालक-बालिकाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. प्रीतम सिंह साँखला, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जोधपुर ग्रामीण जो कि इसी विद्यामन्दिर के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा के साथ संस्कारों का महत्व भी बहुत अधिक होता है। वर्तमान समय में युवा पीढ़ी संस्कारों से विमुख हो रही है। इसलिए यह विद्यामन्दिर शिक्षा के साथ-साथ श्रेष्ठ संस्कार भी देता है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्रीमान् महेन्द्र कुमार दवे, प्रांत सचिव, विद्या भारती जोधपुर प्रांत ने बताया कि प्रतिभा किसी पुरस्कार की मोहताज नहीं होती। वास्तव में तो प्रतिभा अपने सहचरों के लिए प्रेरणा का स्रोत होती है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में अपनी प्रतिभा को दिखाने का अवसर तो अवश्य आता है। लेकिन कुछ लोग ही होते हैं, जो अवसर को भुना लेते हैं। अपनी प्रतिभा से दूसरों को सम्मोहित कर देते हैं। इन प्रतिभा सम्पन्न बालक-बालिकाओं के साथ वो लोग भी सम्मान योग्य हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में अपने सपनों की बलि दे देते हैं। जिन्होंने इन नौनिहालों के सपनों को पंख लगाने के लिए अपना तन-मन-धन समर्पित कर दिया।

साथ ही वे सभी सम्मान के पात्र हैं जो इन प्रतिभाओं को गढ़ती है, सृजन करती हैं। विषम परिस्थितियों में इनका हौंसला बढ़ाती है। इसी अवसर पर विद्यामन्दिर परिसर में विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन भी माननीय अतिथियों के हाथों से किया गया। विज्ञान प्रयोगशाला के नूतन स्वरूप को देखकर बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावक भी अभिभूत हो गये। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष प्रकाश शर्मा ने आगन्तुकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर पर प्रबन्ध समिति आदर्श विद्यामन्दिर जोधपुर के सचिव श्रीमान् मिश्रीलाल प्रजापत, विद्यालय समिति सदस्य नितिन सोनी, देवेन्द्र डागा, जयकुमार व्यास, दीनदयाल, दिनेश सोनी की उपस्थिति रही।