बड़े ब्रांडो में मिलावट की आशंका को देखते है हुए 11 सैंपल लिए

गोवर्धन घी, फॉरच्यून सरसों तेल, विभोर रिफाइंड तेल, पिंकसिटी सरसों और मूंगफली तेल, स्कूटर रिफाइंड तेल, बेस्ट चॉइस तेल, गुलाब प्लेटिनम ऑयल सहित 11 नमूने लिए

मथुरा। मिलावटी खाद्य पदार्थों पर नियंत्रण के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने घी और खाद्य तेलों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया। यह अभियान सहायक आयुक्त (खाद्य) धीरेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के निर्देशन में संचालित हुआ। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से खाद्य तेल और घी के कुल 11 नमूने एकत्र कर जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

अभियान के दौरान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी भरत सिंह ने मथुरा के कोतवाली रोड से फॉर्च्यून ब्रांड कच्ची घानी सरसों तेल और गोवर्धन ब्रांड प्योर काउ घी का एक-एक नमूना लिया। वहीं खाद्य सुरक्षा अधिकारी मोहर सिंह कुशवाह ने कस्बा सौंख से स्कूटर ब्रांड रिफाइण्ड सोयाबीन ऑयल, कोतवाली रोड से पिंकसिटी कच्ची घानी सरसों तेल और गोवर्धन क्षेत्र से गुलाब प्लेटिनम मूंगफली तेल के नमूने एकत्र किए।

इसके अतिरिक्त, खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम नरेश ने बल्देव रोड स्थित लक्ष्मीनगर से विभोर ब्रांड रिफाइण्ड सोयाबीन ऑयल और पिंकसिटी ब्रांड ग्राउण्ड नट ऑयल के नमूने लिए। जितेंद्र सिंह ने कोसीकलां क्षेत्र से राग गोल्ड रिफाइण्ड पामोलीन ऑयल और बेस्ट चॉइस सोयाबीन ऑयल के नमूने एकत्र किए। दलवीर सिंह ने कोसीकलां से नाइस एन लाइट ब्रांड फैट स्प्रेड तथा अरुण कुमार ने बाजना क्षेत्र से चांसलर ब्रांड सरसों तेल का नमूना लिया।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया।

आम जनता इन बड़े ब्रांडो पर आंख बंद करके भरोसा करती है इसलिए आम जनता को पता होना चाहिए कि जो खाद्य वस्तुएं महंगे दामों पर खरीद कर खा रहे है वो सुरक्षित है या नहीं इसलिए विभाग ने इन ब्रांड के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे है ताकि सच्चाई सामने आ सके।