3 फर्मो पर कार्यवाही, फूड लाइसेंस निलंबित, घी जांच में पाया गया अनसेफ

उदयपुर। चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग ने तीन फर्मों के फूड लाइसेंस निलंबित किए। इनमें दो फर्मों के यहां बिक रहा घी जांच में अनसेफ पाया गया है। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। वहीं, तीसरी फर्म ने लाइसेंस के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए थे।

सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया- मैसर्स जेड ए कानोडवाला का फूड लाइसेंस गलत तथ्य और फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने के कारण निलंबित किया गया। उन्होंने लाइसेंस प्राप्त करने के लिए गलत दस्तावेज प्रस्तुत किए थे।

कुछ दिनों पहले ही लिया था सैंपल

वहीं, मैसर्स कल्याण डेयरी सवीना से लिया गया घी का सैम्पल जांच में अनसेफ पाया गया। इसके बाद मालिक विजय सिंह सिसोदिया को नोटिस भेजकर उनका फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया। सुरक्षा अधिकारी अशोक गुप्ता ने यहां से हाल ही घी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था।

तीसरी कार्रवाई जयश्री कॉलोनी स्थित मैसर्स लक्ष्मी डेयरी एवं स्वीट नमकीन पर हुई। यहां भी घी का नमूना असुरक्षित पाया गया। इस पर मालिक केशरसिंह सिसोदिया को नोटिस देकर फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया। सीएमएचओ डॉ. आदित्य ने बताया- ये तीनों फर्म मालिक अब निलम्बित समय में कोई भी खरीदने-बेचने का व्यापार नहीं कर सकेंगे। मिलावट के खिलाफ अभियान में मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

बता दें, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अनुसार सैम्पल असुरक्षित पाए जाने पर 5 लाख तक जुर्माना और 6 माह से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान है।