मंडोर गार्डन में टॉय ट्रेन के ड्राइवर की लापरवाही से 5 साल की मासूम की मौत, एक युवती गंभीर रूप से घायल

जोधपुर। सूर्यनगरी जोधपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मंडोर गार्डन से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहाँ अपने माता-पिता के साथ घूमने आई एक 5 साल की मासूम बच्ची की टॉय ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।

तेज गति और अचानक ब्रेक लगने के कारण हुआ हादसा

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार अपनी 5 साल की बेटी के साथ मंडोर गार्डन घूमने गया था। गार्डन में चल रही टॉय ट्रेन के ड्राइवर की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्राइवर ट्रेन को बेहद तेज गति से चला रहा था और इसी दौरान उसने अचानक बेहद जोरदार ब्रेक लगा दिया।

ब्रेक का झटका इतना तेज था कि ट्रेन में बैठी 5 साल की मासूम बच्ची उछलकर बाहर जा गिरी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, बच्ची टॉय ट्रेन के चक्कों के नीचे आ गई और उसके ऊपर चक्के फिरने से मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।

20 वर्षीय युवती भी गंभीर घायल, अस्पताल में भर्ती

इस भयानक झटके के कारण केवल बच्ची ही नहीं, बल्कि ट्रेन में सवार एक 20 साल की युवती भी उछलकर बाहर गिर गई। युवती को गंभीर चोटें आई हैं। उसे तुरंत इलाज के लिए मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज

इस घोर लापरवाही को लेकर मृतका के माता-पिता ने स्थानीय पुलिस थाने में टॉय ट्रेन ड्राइवर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का आरोप है कि ड्राइवर की लापरवाही और तेज गति से ट्रेन चलाने के कारण ही उनकी हंसती-खेलती बेटी की जान गई है और एक अन्य युवती अस्पताल पहुँच गई।

MDM हॉस्पिटल के बाहर धरना, प्रशासन की चुप्पी से आक्रोश

हादसे के बाद मासूम के शव को एमडीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। घटना से गुस्साए बच्ची के परिजनों और समाज के लोगों ने अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना शुरू कर दिया है।

प्रदर्शनकारियों ने की मांग :

1) दोषी टॉय ट्रेन ड्राइवर को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

2) पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

3) घायल युवती के मुफ्त और बेहतर इलाज की व्यवस्था की जाए।

प्रशासन की बेरुखी से बढ़ा गुस्सा: खबर लिखने तक धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि इतना बड़ा हादसा होने और एक मासूम की जान जाने के बावजूद अब तक प्रशासन या सरकार की तरफ से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है। सरकार की इस बेरुखी को लेकर समाज के लोगों में भारी आक्रोश है । फिलहाल पुलिस बल मौके पर तैनात है और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

आज की यह दिल दहला देने वाली घटना मंडोर गार्डन में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है। इस भीषण हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस मासूम की मौत का जिम्मेदार किसे माना जाए

क्या गलती उस टॉय ट्रेन ड्राइवर की है, जिसने लापरवाही से रफ्तार बढ़ाई और अचानक तेज ब्रेक मार दिए?

`क्या कसूर उस टिकट ठेकेदार का है, जो बिना किसी कड़े नियमों और सुरक्षा मानकों के सिर्फ मुनाफा कमाने के लिए इसे चलवा रहा था?`

`या फिर असली जिम्मेदार जेडीए (JDA) के वो संबंधित अधिकारी हैं, जिन्होंने न तो इसके लिए कोई ठोस नियम बनाए और न ही समय-समय पर इन व्यवस्थाओं का निरीक्षण करना जरूरी समझा?`